अमर उजाला स्थापना दिवस
- दिल्ली-सहारनपुर रेल लाइन बन गई जिले की लाइफलाइन
अमर उजाला ब्यूरो
बागपत। 34 साल में रेलवे के सफर में भी कई बड़े बदलाव हुए हैं। दिल्ली-सहारनपुर रेललाइन को नई रेलगाड़ियां मिलीं। ट्रेनों की संख्या बढ़ाई गई। हॉल्ट बढ़ते चले गए। स्टेशनों का सौंदर्यकरण भी हुआ। लोगों का दिल्ली आवागमन आसान हुआ। बागपत के जिला बनने के बाद अग्रवाल मंडी टटीरी स्टेशन का नाम बागपत रोड रखा गया। स्टेशन का नाम दोबारा अग्रवाल मंडी टटीरी रखे जाने की मांग संसद में भी गूंजी। नौकरीपेशा, व्यापारियों और दिल्ली आवागमन करने वालों के लिए आसानी हुई।
भाप, डीजल और अब बिजली से चलेंगी ट्रेन
बागपत। दिल्ली-शामली-सहारनपुर रेल मार्ग पर इलैक्ट्रिक ट्रेन दौड़ाने का अधिकतर कार्य जिले में पूरा हो चुका है। जनवरी 2021 से इलेक्ट्रिक ट्रेन चलनी शुरू हो जाएगी। रेलमार्ग का शुभारंभ 1976 में तत्कालीन प्रधानमंत्री तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने खेकड़ा में किया था। खेकड़ा को जंक्शन बनाए जाने की योजना था, लेकिन कार्य अधर में लटक गया।
दोहरीकरण को मिल चुकी मंजूरी
बागपत। चार साल पहले रेललाइन के दोहरीकरण को करीब 15 सौ करोड़ रुपये में मजूरी दी गई थी। तत्कालीन रेल मंत्री मनोज सिन्हा ने सहारनपुर में आयोजित कार्यक्रम में भाग लिया था। दोहरीकरण से सफर आसान हो जाएगा।
रैपिड रेल और मेट्रो बन रहीं मुद्दा
बागपत। बड़ौत तक रैपिड रेल और मेट्रो की मांग उठने लगी हैं। सांसद डॉ सत्यपाल सिंह ने रेलमंत्री से मिलकर बड़ौत तक मेट्रो के संचालन की मांग रखी है।