बागपत जनपद के हेवा में व्यक्ति की गोली मारकर हत्या करने के मामले में अदालत ने आरोपी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। ग्रामीण जितेंद्र ने 12 सितंबर 2004 की रात में छपरौली थाने में चाचा जोगेंद्र की हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था।
बागपत के हेवा गांव के जोगेंद्र की गोलियों से भूनकर हत्या करने वाले एक हत्यारे को न्यायाधीश ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही बीस हजार रुपये अर्थदंड लगाया, जिसे अदा नहीं करने पर तीन माह की सजा बढ़ाई जाएगी। इससे पहले पांच हत्यारों को सजा सुनाई जा चुकी है।
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अपर जिला शासकीय अधिवक्ता गगनगौड़ ने बताया कि हेवा गांव के रहने वाले जितेंद्र ने 12 सितंबर 2004 की रात में छपरौली थाने में चाचा जोगेंद्र की हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। जिसमें वादी ने बताया कि 12 सितंबर की रात वह अपने भाई देवेंद्र सिंह, विपिन उर्फ नीटू, चाचा जोगेंद्र व चचेरे भाई विनय के साथ जन्मदिन की दावत में जा रहे थे। तभी गांव में ही जिले सिंह के मकान के सामने पहुंचे तो मांगे, लोकेंद्र, रविंद्र, चरण सिंह उर्फ कालू, सुभाष और अमित वहां आ गये। जिन्होंने तमंचों से उसके चाचा जोगेंद्र पर गोलियां चला दी।
गोली लगते ही उसके चाचा की मौत हो गई और उन्होंने भागकर जान बचाई। पुलिस ने मांगे, लोकेंद्र, रविंद्र, चरण सिंह उर्फ कालू, सुभाष और अमित के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल कर दिया था।
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मुकदमे की सुनवाई के दौरान फरार चल रहे लोकेंद्र की पत्रावली अलग कर दी गई, जबकि अन्य पांच हत्यारों पर दोषसिद्ध होने के बाद सजा सुना दी गई थी। लोकेंद्र की पत्रावली पर अपर जिला एवं सत्र न्यायालय प्रथम में सुनवाई हुई। जिसमें दोषसिद्ध होने पर न्यायाधीश मीनू शर्मा ने हत्यारे लोकेंद्र को आजीवन कारावास की सजा सुनाई और बीस हजार रुपये अर्थदंड लगाया।