बागपत। मुकदमों की विवेचनाओं में बागपत कोतवाली सबसे फिसड्डी साबित हो रही है। बड़ौत कोतवाली ने भी विवेचनाओं को खूब लटकाया हुआ है। महिला थाने में सबसे कम विवेचनाएं लंबित है। एसपी नीरज कुमार जादौन ने अभियान चलाकर निष्पक्षता के साथ जल्द से जल्द विवेचनाएं पूरी करने के आदेश दिए है।
बागपत जिले में करीब 1450 विवेचनाएं लंबित है। इनमें सबसे ज्यादा करीब 400 विवेचनाएं कोतवाली बागपत में लंबित पड़ी हैं। बड़ौत कोतवाली भी ज्यादा पीछे नहीं है। यहां के पुलिस कर्मियों के निस्तारण में ज्यादा रुचि नहीं लेने के कारण करीब 350 विवेचना लंबित है। खेकड़ा थाने में करीब 130, सिंघावली अहीर में 113 और दोघट में 110 विवेचनाएं दबी पड़ी है। बिनौली में 80, चांदीनगर में 70, रमाला में 65, बालैनी में 28 विवेचना होनी बाकी है। महिला थाना में सबसे कम 15 विवेचनाएं लंबित पड़ी है।
बागपत कोतवाली में अपराध भी ज्यादा, दर्ज भी हो रहे
अपराध होने पर मुकदमा दर्ज करने के बाद विवेचना शुरू की जाती है। जिस तरह से बागपत कोतवाली में सबसे ज्यादा विवेचनाएं लंबित है, उससे यह साफ है कि ज्यादा आपराधिक घटनाएं होने के कारण मुकदमे भी दर्ज हो रहे है। अब एसपी के आदेश पर पुलिस जल्द से जल्द विवेचनाओं को निपटाने में लगी है।
जनपद से कई दरोगाओं का तबादला हो गया था। इसके बाद करीब दो महीने तक चुनाव में पुलिस लगी रही। हम मुकदमे भी सभी शिकायतों में दर्ज करा रहे हैं। इसलिए विवेचनाएं लंबित हो गई है, जिनको जल्द जांच करके निपटाने के लिए कहा गया है। लंबित विवेचनाओं को पूरा करने में तेजी आई है। - नीरज कुमार जादौन, एसपी