बागपत रिजर्व पुलिस लाइन में तैनात 50 वर्षीय मुख्य आरक्षी सुभाष चंद्र की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। ड्यूटी पर नहीं पहुंचने पर कमरे का गेट खोला गया तो वह जमीन पर मृत मिले।
बागपत रिजर्व पुलिस लाइन में तैनात मुख्य आरक्षी सुभाष चंद्र की मंगलवार को संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। 50 वर्षीय सुभाष चंद्र करीब डेढ़ वर्ष से सिसाना गांव में किराये के मकान में रह रहे थे।
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मंगलवार सुबह ड्यूटी पर नहीं पहुंचने और कमरे का गेट नहीं खुलने पर परिजनों को चिंता हुई। मकान मालिक के परिचित की मदद से दूसरी चाबी से कमरा खोला गया तो वह अंदर जमीन पर पड़े मिले। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
ड्यूटी पर नहीं पहुंचे तो परिजनों को हुई चिंता
बुलंदशहर के गुलावठी थाना क्षेत्र के औरंगाबाद अहीर गांव निवासी सुभाष चंद्र बागपत रिजर्व पुलिस लाइन में मुख्य आरक्षी के पद पर तैनात थे। वह करीब डेढ़ वर्ष से सिसाना गांव में रमेश चौहान के मकान में किराये पर रह रहे थे।
मंगलवार सुबह करीब आठ बजे उन्हें ड्यूटी पर पहुंचना था, लेकिन वह समय पर नहीं पहुंचे। कमरे का गेट भी अंदर से बंद था। परिजनों ने फोन किया, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला।
दूसरी चाबी से खुलवाया गया कमरा
सुभाष चंद्र से संपर्क नहीं होने पर परिजनों ने मकान मालिक के परिचित विनय चौहान से संपर्क किया। इसके बाद विनय ने एक कर्मचारी को दूसरी चाबी लेकर कमरे पर भेजा। कमरे का गेट खोला गया तो सुभाष चंद्र जमीन पर पड़े दिखाई दिए।
पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा
सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची। जांच के दौरान पता चला कि सुभाष चंद्र की मौत हो चुकी थी। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी भेज दिया है।
मौत की वजह स्पष्ट नहीं
पुलिस के अनुसार, फिलहाल मौत की वजह स्पष्ट नहीं है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति साफ हो सकेगी। पुलिस मामले की जांच कर रही है।