बर्ड फ्लू के मामलों को लेकर अलर्ट। सांकेतिक तस्वीर।
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बर्ड फ्लू को लेकर बागपत में अलर्ट के बाद अब बृहस्पतिवार को पशुपालन विभाग ने पोल्ट्री फार्मों से 60 पक्षियों के सीरम, नैजल व बीट के नमूने लेकर भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान इज्जतनगर बरेली भेजे। एक अन्य टीम के गठन करने से कुल छह टीमें विदेशी पक्षियों व पोल्ट्री फार्मों पर नजर रखेंगी।
पशुपालन विभाग की टीमें हरियाणा या दूसरे राज्यों से लाए जाने वाले पक्षियों पर नजर रखेंगी। सीवीओ डॉ. अरविंद त्रिपाठी ने बताया कि पोल्ट्री फार्मों से 20 पक्षियों के सीरम के नमूने, 20 पक्षियों के नैजल तथा 20 पक्षियों के बीट के नमूने लेकर जांच के लिए भेजे गए।
उन्होंने 16 पोल्ट्री फार्मों के संचालकों के लिए एडवाइजरी जारी कर कहा कि बर्ड फ्लू से बचाव के लिए नियमित रूप से हाथ धोएं। सुरक्षित रहने के लिए दस्ताने एवं मास्क पहनें। पोल्ट्री फार्म में किसी भी चीज को छूने के बाद और बीमार या मृत पक्षियों को छूने के बाद हाथों को साबुन से 20 सेकेंड तक धोना जरूरी है।
सीवीओ ने कहा कि बागपत में बर्ड फ्लू के अभी तक न लक्षण मिले और न कोई पक्षी बीमार मिला, लेकिन सावधानी बरतना बेहद जरूरी है। बर्ड फ्लू संक्रामक रोग है जो पक्षियों को प्रभावित करता है। बर्ड फ्लू के लक्षण संक्रमित पक्षियों में अलग-अलग हो सकते हैं। लेकिन इसमें बुखार, सांस लेने में तकलीफ, खांसी और उल्टी जैसे लक्षण शामिल हो सकते हैं।
ग्लैंडर्स फारसी के शक में 17 घोड़ों के नमूने हिसार भेजे
पशुपालन विभाग ने ग्लैंडर्स फारसी के शक में अश्व प्रजाति के 17 पशुओं के सीरम के नमूने लेकर जांच के लिए राष्ट्रीय अश्व अनुंसधान केंद्र हिसार भेजे गए हैं। वहां से रिपोर्ट आने के बाद स्थिति साफ होगी कि कोई ग्लैंडर्स फारसी से संक्रमित तो नहीं है।