महिला के हाथ से पेट्रोल की बोतल छीनती पुलिस।
- फोटो : अमर उजाला
सुल्तानपुर हटाना गांव में अफसर जमीन पर कब्जा कर श्मशान घाट का निर्माण शुरू कराने पहुंचे। वहीं पट्टाधारक के परिवार के लोग मनोज, अस्सी, मिथलेश, राधिका, आयुष, हिमांशु हंगामा करने के बाद कलक्ट्रेट में आत्मदाह करने पहुंचे गए। पुलिसकर्मियों ने महिला के हाथ से पेट्रोल की बोतल छीनकर आत्मदाह करने से रोका। वहां भी हंगामा होने पर कलक्ट्रेट प्रभारी ने किसी तरह मामला शांत कराया।
सुल्तानपुर हटाना गांव निवासी मनोज ने बताया कि वर्ष 1976 में सात बीघा जमीन का पट्टा उसके दादा के नाम किया गया था। इसके बाद से पट्टे की जमीन पर खेतीबाड़ी कर परिवार का गुजारा कर रहे हैं। आरोप लगाया कि ग्राम प्रधान ने अफसरों के साथ मिलकर उनकी पट्टे की जमीन को श्मशान घाट के लिए चिन्हित करा दिया।
मंगलवार को प्रधान के साथ तहसील के अफसरों ने उनकी जमीन पर कब्जा कर श्मशान घाट का निर्माण शुरू करा दिया। उसके परिवार वालों ने हंगामा करते हुए विरोध किया, लेकिन पुलिस और पीएसी ने वहां से भगा दिया। इसके बाद परिवार आत्मदाह करने कलक्ट्रेट पहुंच गया।
आत्मदाह करने से रोक रहे पुलिसकर्मियों और महिलाओं के बीच नोकझोंक भी हुई। हंगामे का पता चलने पर कलक्ट्रेट प्रभारी अमरचंद वर्मा ने मनोज के परिवार को बुलाकर वार्ता की और उनके दस्तावेज देखे। दस्तावेजों में जमीन मनोज की मिली, इस समस्या का समाधान कराने के लिए बुधवार को दोबारा कलक्ट्रेट बुलाया गया है।
बंद कराया श्मशान घाट का निर्माण
सुल्तानपुर हटाना गांव में जमीन पर कब्जे को लेकर कलक्ट्रेट में हंगामा होने के बाद अफसरों ने संज्ञान लिया। इसके बाद सुल्तानपुर हटाना गांव में श्मशान घाट का निर्माण कार्य भी रुकवा दिया। इसके बाद प्रशासनिक अफसर भी वहां से वापस लौट गए।
सात बीघा गोभी की फसल कर दी बर्बाद
मनोज ने आरोप लगाया कि उसने सात बीघा जमीन पर गोभी की फसल उगा रखी थी, लेकिन पिछले कुछ दिनों से जमीन को चिन्हित करने और कब्जे के लिए गोभी की फसल भी ट्रैक्टर चलाकर बर्बाद कर दी गई। मनोज ने नुकसान की भरपाई कराने की मांग की।
ये बोले कलक्ट्रेट प्रभारी
शिकायतकर्ता की जमीन के दस्तावेज देखे गए हैं। जिस खसरा नंबर में श्मशान घाट के लिए जमीन चिह्नित की गई है, उसमें उनकी भी पट्टे की जमीन है। किसान की शिकायत का समाधान कराने के लिए बुधवार को दोबारा बुलाया गया है।
- अमरचंद वर्मा, कलक्ट्रेट प्रभारी
- गांव में श्मशान घाट नहीं होने के कारण ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। श्मशान घाट के लिए तहसील के अफसरों ने जमीन चिन्हित की, इसके लिए बजट भी जारी हो गया। मुझपर लगाए गए आरोप बेबुनियाद हैं।
- सचिन उर्फ भीम, प्रधान सुल्तानपुर हटाना