दोघट स्थित निरपुड़ा गांव में संजय शर्मा की हत्या कर दी गई। भाई ने शिकायत होने पर आरोपी किसान सचिन और उसके तीन साथियों को गिरफ्तार कर पूछताछ की तो मामले का खुलासा हो गया। खेत खोदकर शव को निकाल लिया गया।
उत्तर प्रदेश के बागपत जिले के दोघट थाना क्षेत्र के निरपुड़ा गांव में सनसनीखेज मामला सामने आया है। भैंसा बेचने के शक में किसान सचिन और उसके साथियों ने अपने दिव्यांग साथी किसान संजय शर्मा (40) की पीट-पीटकर निर्मम हत्या कर दी और शव को गन्ने के खेत में गड्ढा खोदकर दबा दिया। पुलिस ने मृतक के भाई की शिकायत पर मुख्य आरोपी सचिन और उसके तीन साथियों को गिरफ्तार कर लिया है। उनकी निशानदेही पर सोमवार को गन्ने के खेत से दबाया गया शव बरामद किया गया।
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दाहा गांव निवासी अरविंद उर्फ बिल्लू शर्मा ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उनका छोटा भाई संजय उर्फ संजू लगभग एक महीने से घर नहीं आया है। संजय, निरपुड़ा गांव के किसान सचिन के यहां रहकर खेत में गन्ना छिलाई का काम कर रहा था। सोमवार सुबह जब अरविंद अपने भाई संजय के बारे में पूछताछ करने सचिन के पास पहुंचा, तो उसने जानकारी होने से इनकार कर दिया। अरविंद को सचिन के व्यवहार पर शक हुआ और उसने सचिन व उसके पांच-छह अन्य साथियों पर हत्या का आरोप लगाते हुए पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।
भैंसे के गुम होने का शक बना हत्या का कारण
पुलिस की प्रारंभिक पूछताछ में मुख्य आरोपी किसान सचिन ने बताया कि होली के दिन उसका भैंसा खेत में बंधा हुआ था और उसकी देखभाल की जिम्मेदारी उसने संजय शर्मा को सौंपी थी। जब सचिन वापस लौटा तो भैंसा खेत में नहीं मिला। उसे शक हुआ कि संजय ने उसका भैंसा बेच दिया है। इसी शक के चलते सचिन ने अपने दोस्त आकाश, अजीत और शुभम के साथ मिलकर संजय उर्फ संजू की बेरहमी से पिटाई की। आरोप है कि पिटाई के दौरान उसके गुप्तांगों पर भी वार किए गए, लात मारी गई।
मौत के बाद शव को खेत में दबाया
शुरुआत में आरोपियों को लगा कि संजय ड्रामा कर रहा है, लेकिन काफी देर तक जब वह उठा नहीं और उसके मुंह से खून निकलने लगा, तब उन्हें एहसास हुआ कि संजय की मौत हो चुकी है। इसके बाद चारों आरोपियों ने मिलकर गन्ने के खेत में एक गड्ढा खोदा और उसमें संजय का शव दबा दिया। बाद में, भैंसा भी एक दूसरे खेत में घूमता हुआ मिल गया।
पुलिस की कार्रवाई और शव की बरामदगी
जिला मजिस्ट्रेट से अनुमति मिलने के बाद पुलिस ने गन्ने के खेत में खोदाई कराई। सोमवार देर शाम को खेत में दबाया गया संजय का शव बरामद किया गया। इस दौरान फोरेंसिक टीम ने भी मौके पर पहुंचकर महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाए।
ये बोला मुख्य आरोपी सचिन
पूछताछ में आरोपी सचिन ने बताया कि जिस गन्ने के खेत में उन्होंने संजय का शव दबाया था, उसके ऊपर गन्ने की पत्तियां बिखेर दी थीं। आरोपी रोजाना उस स्थान पर जाकर गड्ढे की निगरानी करते थे। उन्हें इस बात का डर था कि कहीं जंगली जानवर गड्ढे की खुदाई कर शव को बाहर न निकाल दें। वे जंगल में आने के बाद ही इस संबंध में आपस में बातचीत करते थे।
परिवार में शोक का माहौल
दाहा गांव निवासी अरविंद ने बताया कि एक महीने से भाई के घर न आने पर उन्होंने तलाश शुरू कर दी थी। उन्हें पता चला था कि संजय होली के दिन तक निरपुड़ा गांव में किसान सचिन के यहां था, लेकिन दुल्हैंडी के बाद से वह गायब था। सोमवार को सचिन से पूछने पर उसके अजीब व्यवहार ने शक को और गहरा कर दिया। संजय चार भाइयों में तीसरे नंबर पर थे। उनके बड़े भाई अरविंद खेतीबाड़ी करते हैं, दूसरे भाई राजीव पंजाब में नौकरी करते हैं। उनका सबसे छोटा भाई आदेश पिछले 12 साल से लापता है।
ये बोले एसपी
एसपी सूरज कुमार राय ने बताया कि दाहा गांव के युवक की हत्या के मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। उनकी निशानदेही पर खेत में दबाया गया शव बरामद कर लिया गया है। आरोपियों को न्यायालय में पेश किया जाएगा।