बागपत में 14 ग्राम विकास अधिकारियों और 25 ग्राम पंचायत अधिकारियों के तबादले किए गए हैं। भाजपा जिलाध्यक्ष का कहना है कि नियम विरुद्ध ट्रांसफर किए गए हैं। डीएम ने तबादलों की फाइलों की दोबारा जांच के आदेश दिए हैं।
बागपत में 39 सचिवों के तबादले के बाद घमासान शुरू हो गया है। सोमवार को कलक्ट्रेट में भाजपा जिलाध्यक्ष नीरज शर्मा व सीडीओ अनिल कुमार सिंह में काफी देर तक जिलाधिकारी व विधायक के सामने नोकझोंक होती रही। जिलाध्यक्ष ने सचिवों के नियम विरुद्ध तबादले करने का आरोप लगाते हुए जांच कराने की मांग की। इसके बाद डीडीओ व डीपीआरओ को फाइल लेकर कलक्ट्रेट में तलब किया गया, मगर इसमें देर शाम तक कोई बदलाव नहीं हुआ।
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तबादलों के विरोध में बैठक करते सचिव।
- फोटो : अमर उजाला
जिले में 14 ग्राम विकास अधिकारियों और 25 ग्राम पंचायत अधिकारियों के तबादले कर दिए गए। ग्राम पंचायत अधिकारियों की सूची जारी होने के चार घंटे के बाद ही नौ के तबादले में संशोधन कर दिया गया। ग्राम विकास अधिकारियों के तबादले डीडीओ राहुल वर्मा ने किए तो ग्राम पंचायत अधिकारियों के ट्रांसफर डीपीआरओ रमेश चंद्र गुप्ता ने किए। दोनों ने तबादलों में अलग-अलग नियम लागू किए।
सीडीओ से वार्ता करते सचिव।
- फोटो : अमर उजाला
सचिवों ने यह मामला भाजपा जिलाध्यक्ष नीरज शर्मा को बताया तो उन्होंने रविवार को डीपीआरओ को इससे अवगत कराया। इसके बाद भी उनकी बात नहीं सुनी गई तो वह सोमवार को कलक्ट्रेट में चल रहे विद्यार्थियों के सम्मान समारोह के दौरान अधिकारियों पर भड़क गए। जिलाध्यक्ष कार्यक्रम से सीडीओ अनिल कुमार सिंह को उठाकर एक तरफ ले गए और वहां काफी देर तक सचिवों के तबादलों को लेकर नोकझोंक होती रही।
डीएम अस्मिता लाल व रालोद विधायक डॉ. अजय कुमार के सामने ही जिलाध्यक्ष ने अफसरों पर सचिवों के तबादलों में खेल करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि उनके फोन करने के बाद भी कई सचिवों को दूसरे ब्लॉक में भेज दिया गया। इस तरह उनको सजा दे दी गई। उन्होंने मामले में शासन तक शिकायत करने की बात कही। सीडीओ ने फाइल को देखने के बाद कार्रवाई का आश्वासन दिया।
जिलाध्यक्ष की नाराजगी देख तबादलों की फाइल तलब
भाजपा जिलाध्यक्ष की नाराजगी देखने के बाद जिलाधिकारी ने तबादलों से जुड़ी फाइलों को तलब किया। उन्होंने डीडीओ राहुल वर्मा व डीपीआरओ रमेश चंद्र गुप्ता को फाइलों के साथ कलक्ट्रेट बुलाया। इसके बाद फाइलों को देखा गया और इसमें सभी की दोबारा जांच करने के लिए कहा गया।
सचिवों ने भी अफसरों के खिलाफ मोर्चा खोला
ग्राम पंचायत सचिवों ने कलक्ट्रेट के पास सोमवार को बैठक की। उन्होंने कहा कि अधिकारी नियमों के विरुद्ध तबादला कर रहे हैं और यदि कोई सचिव जाता है तो उन पर कार्रवाई की चेतावनी दी जाती है। तबादला करने में कोई नियम नहीं बनाया गया है, जिससे काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सचिवों ने बैठक करने के बाद सीडीओ अनिल कुमार सिंह के सामने समस्या को रखा और निस्तारण करने की मांग की। चेतावनी दी कि यदि समाधान नहीं होता है तो जिलेभर के सचिव न्यायालय में अधिकारियों के खिलाफ वाद दायर करेंगे।
ये बोले सीडीओ
जिले में सचिवों का तबादला नियम के अनुसार किया गया है। जो सचिव तीन साल एक ब्लॉक में रह चुका है, सिर्फ उन्हें हटाया गया है। सचिवों की मांग के बाद फाइल को दोबारा देखा जा रहा है। - अनिल कुमार सिंह, सीडीओ