जिला एवं सत्र न्यायाधीश मनोज कुमार ने टीकरी कस्बे के किसान लाल बहादुर हत्याकांड में आरोपी नितिन राठी की जमानत याचिका खारिज कर दी। आरोपी वर्ष 2016 से जेल में बंद है।
ताबड़तोड़ गोलियां मारकर की गई थी हत्या
टीकरी निवासी सविता ने 24 सितंबर 2016 को दोघट थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि सुबह के समय उनके पति लाल बहादुर घर में भैंसों को चारा डाल रहे थे। इसी दौरान नितिन, उसका साथी मोनू जाट और एक अन्य युवक बाइक से वहां पहुंचे और गाली-गलौज के बाद ताबड़तोड़ गोलियां बरसा दीं। कई गोलियां लगने से लाल बहादुर की मौके पर ही मौत हो गई।
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सोनीपत पुलिस ने की थी गिरफ्तारी
हत्या के कुछ दिन बाद आरोपी नितिन और मोनू जाट को सोनीपत पुलिस ने हथियारों के साथ गिरफ्तार किया था। तभी से दोनों जेल में बंद हैं। मामले में जिला एवं सत्र न्यायालय में साक्ष्यों पर बहस शुरू होने वाली है।
50 हजार का इनाम भी हुआ था घोषित
वर्ष 2016 में मोनू जाट निवासी रोहटा और नितिन राठी निवासी टीकरी के खिलाफ कई संगीन आपराधिक मामले दर्ज हुए थे। रोहटा में शीशपाल और उसकी पत्नी संतोष की हत्या, टीकरी बाजार में विवेक की हत्या और रोहटा में सट्टेबाज सुरेश की हत्या के मामलों में दोनों वांछित थे। इसके बाद लाल बहादुर की हत्या के आरोप में भी मुकदमा दर्ज हुआ। वांछित होने पर दोनों पर 50-50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था।