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बागपत: तमंचा बरामद कराने गए बदमाश ने एसओ पर चलाई गोली, जवाबी फायरिंग में घायल 

Thu, 25 Feb 2021 08:21 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बागपत

सार

  • लूंब निवासी संजीव फौजी की हत्या करने जा रहे तीन बदमाशों को बुधवार को पुलिस ने किया था गिरफ्तार
  • गुरुवार को एक बदमाश को तमंचा बरामद कराए लाए थे एसओ छपरौली
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घायल बदमाश - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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उत्तर प्रदेश के बागपत में छपरौली थाना पुलिस ने बुधवार की शाम चार बदमाशों को पकड़ लिया। पूछताछ के बाद  गुरुवार को पुलिस इन बदमाशों में से एक दीपक को लेकर घसौली नहर पटरी पर तमंचा बरामद करने पहुंची। बदमाश ने खेत में छिपाया हुआ तमंचा निकालकर एसओ छपरौली पर गोली चला दी। गोली एसओ की बुलेट प्रूफ जैकेट में लगी। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में गोली लगने से बदमाश दीपक घायल हो गया। एसपी ने बताया कि पकड़े गए बदमाश लूंब गांव के संजीव फौजी की हत्या की वारदात अंजाम देने जा रहे थे।
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एसपी अभिषेक सिंह ने पत्रकारों को बताया कि 24 फरवरी की शाम छपरौली पुलिस को इनपुट मिला था कि कुछ बदमाश लूंब गांव निवासी संजीव फौजी की हत्या करने की फिराक में घूम रहे हैं। पुलिस ने चेकिंग शुरू की।

घसौली नहर पटरी रोड से हिलवाड़ी निवासी दीपक उर्फ काला, मोनू, हेवा निवासी संजीव उर्फ काला को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने अभियुक्त मोनू और संजीव उर्फ काला के कब्जे से दो तमंचे 315 बोर, दो कारतूस और दो खोखे बरामद किए। पूछताछ में दीपक ने बताया कि उसने अपना तमंचा मय कारतूस घसौली नहर पटरी पर छिपा दिया है।
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 गुरुवार की सुबह करीब दस बजे एसओ छपरौली हेमेंद्र बालियान पकड़े गए बदमाश दीपक को लेकर लूंब-घसौली नहर पटरी के पास खेत पर पहुंच गए। दीपक ने खेत में छिपाया हुआ लोडेड तमंचा निकाला और एसओ पर फायर कर दिया। गोली एसओ की बुलेट प्रूफ जैकेट में जा लगी। पुलिस ने आत्मरक्षार्थ फायरिंग की, जिसमें दीपक दाहिने हाथ में गोली लगने से घायल हो गया। उसे उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। दीपक पर बड़ौत कोतवाली में हत्या, हत्या के प्रयास, चोरी सहित संगीन धाराओं के छह मुकदमे दर्ज हैं।

संजीव फौजी के भाई ने ही दी दो लाख की सुपारी
एसपी अभिषेक सिंह ने बताया कि गिरफ्तार दीपक वर्ष 2019 में हिलवाड़ी गांव के परविंद्र उर्फ धोलू की हत्या के मुकदमे में जेल गया था। जेल में उसकी मुलाकात लूंब गांव के प्रदीप, उसकी पत्नी अनुपमा, बेटे अंकुर और सचिन से हुई।

प्रदीप जमीनी विवाद के चलते अपने छोटे भाई सुधीर की हत्या के आरोप में जेल में बंद है। इस हत्याकांड की पैरवी उसका दूसरा भाई संजीव फौजी कर रहा था, जो दो माह पहले ही सेवानिवृत्त होकर घर आया है। प्रदीप ने ही मुकदमे की पैरवी से हटाने के लिए संजीव फौजी की हत्या की सुपारी दो लाख रुपये में दीपक को दी गई थी।
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जमानत पर आते ही दीपक ने शुरू कर दी थी प्लानिंग
दीपक तीन महीने पहले ही जमानत पर आया था। जेल में बंद प्रदीप लगातार उससे संपर्क बनाए हुए था। कुछ दिन बाद जेल से अनुपमा भी जमानत पर आ गई। इसके बाद देवर संजीव की हत्या के लिए अपराधियों और असलाह को एकत्रित करने में सहयोग करने लगी। दीपक ने अपने साथी मोनू और संजीव को योजना में शामिल किया। मोनू और संजीव ही चांदीनगर के पांची गांव के मेहरबान से तीन तमंचे लेकर आए थे। 23 फरवरी को अनुपमा ने संजीव की हत्या के लिए दीपक, मोनू और संजीव को पांच हजार रुपये और 315 बोर के कारतूस उपलब्ध कराए थे।

प्रदीप पर दर्ज होगा मुकदमा, मेहरबान की भूमिका की होगी जांच
एसपी अभिषेक सिंह ने कहा कि षडयंत्र रचने की धाराओं में जेल में बंद प्रदीप पर मुकदमा दर्ज किया जाएगा। उसकी पत्नी अनुपमा को भी गिरफ्तार कर लिया गया है। इसके अलावा तमंचे बेचने के मामले में चांदीनगर के पांची गांव निवासी मेहरबान का नाम आया है, उसकी भूमिका की भी जांच होगी। 

इनकी हुई गिरफ्तारी
- दीपक उर्फ काला, हिलवाड़ी 
- मोनू, हिलवाड़ी 
- संजीव उर्फ काला, हेवा
- अनुपमा, लूंब 
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