दो साल पहले पिता की भी सर्पदंश से हुई थी मौत
अयान के चाचा इरशाद ने बताया कि करीब दो वर्ष पहले अयान के पिता नदीम की भी सर्पदंश से मौत हो गई थी। अब बेटे की भी उसी तरह मौत होने से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। घटना के बाद कॉलोनी में भय का माहौल है। लोग बच्चों को अकेले बाहर भेजने से बच रहे हैं।
वन विभाग से अभियान चलाने की मांग
स्थानीय लोगों ने वन विभाग और प्रशासन से क्षेत्र में अभियान चलाकर सांपों को पकड़ने, झाड़ियों की सफाई कराने और लोगों को जागरूक करने की मांग की है। सीएचसी अधीक्षक डॉ. विजय कुमार ने कहा कि सर्पदंश होने पर मरीज को बिना देरी किए तत्काल अस्पताल पहुंचाना चाहिए। समय पर उपचार मिलने से जान बचाई जा सकती है। उन्होंने लोगों से झाड़-फूंक के बजाय चिकित्सकीय उपचार कराने की अपील की।