एक युवक ने किशोरी के साथ दुष्कर्म किया था। किशोरी ने डर की वजह से घर पर कुछ नहीं बताया। साढ़े चार माह बाद बाद खुली तो आरोपी को गिरफ्तार किया गया। हाईकोर्ट के आदेश पर गर्भपात कराया गया।
हाईकोर्ट के आदेश पर सिंघावली अहीर क्षेत्र के एक गांव की साढ़े चार महीने की गर्भवती दुष्कर्म पीड़िता किशोरी का गर्भपात कराया गया। मेरठ के मेडिकल कॉलेज में पांच चिकित्सकों की समिति की देखरेख में उसका गर्भपात हुआ। इसके बाद शुक्रवार को किशोरी को छुट्टी देकर घर भेजा गया।
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सिंघावली अहीर क्षेत्र के एक गांव की 15 साल की किशोरी के साथ करीब साढ़े चार महीने पहले गांव के युवक ने दुष्कर्म किया। किशोरी ने परिवार वालों को कुछ नहीं बताया। कुछ दिन बाद किशोरी की हालत बिगड़ी तो परिवार वालों के उसके गर्भवती होने का पता चला। तहरीर मिलने पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
किशोरी का गर्भपात कराने के लिए परिवार वालों ने जिला न्यायालय में याचिका दायर कराई, जिस पर न्यायाधीश ने सीएमओ से रिपोर्ट मांगी। सीएमओ ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि साढ़े चार महीने की गर्भवती किशोरी का गर्भपात कराया जा सकता है लेकिन खतरे से इंकार नहीं किया जा सकता। इस पर न्यायाधीश ने गर्भपात कराने के लिए दायर की गई याचिका खारिज कर दी।
इसके बाद पीड़िता के परिजनों ने गर्भपात कराने के लिए हाईकोर्ट में याचिका दायर की। इस पर हाईकोर्ट ने सीएमओ से दोबारा रिपोर्ट मांगी तो वहां भी पहले की तरह रिपोर्ट भेजी गई कि गर्भपात कराया जा सकता है मगर खतरे से इंकार नहीं किया जा सकता।
इस पर हाईकोर्ट ने 26 अगस्त की शाम को आदेश दिया कि पांच चिकित्सकों की समिति गठित कर 24 घंटे में गर्भपात कराया जाए। मेरठ मेडिकल कॉलेज में सीएमओ की अध्यक्षता में स्त्री रोग विशेषज्ञ, बाल रोग विशेषज्ञ, रेडियोलॉजिस्ट, मनोचिकित्सक की समिति बनाई गई।
गर्भवती किशोरी को 27 अगस्त को मेरठ मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया और जहां बृहस्पतिवार को उसका गर्भपात कराया गया। इसके बाद शुक्रवार को किशोरी को छुट्टी देकर घर भेज दिया गया। वहीं गर्भपात के बाद पीड़िता चिकित्सकों की देखरेख में रहेगी। इसके लिए चिकित्सक की ड्यूटी भी लगाई गई है, जिससे उसको किसी तरह की परेशानी नहीं हो।
इससे पहले दसवीं की छात्रा का कराया गया था गर्भपात
वर्ष 2024 में सिंघावली अहीर क्षेत्र के एक गांव की दुष्कर्म पीड़िता दसवीं की छात्रा छह माह की गर्भवती हो गई थी। इस प्रकरण में भी हाईकोर्ट के आदेश पर दसवीं की छात्रा का गर्भपात कराया गया था। गर्भपात के बाद अब किशोरी ठीक है।
दो मामलों में हाईकोर्ट से नहीं मिली थी अनुमति
जिले में पहले भी सिंघावली अहीर थाना क्षेत्र में ऐसे मामले आ चुके हैं, जिनमें पीड़िता कई माह की गर्भवती हुई। इसके लिए हाईकोर्ट से भी अनुमति मांगी गई तो हाईकोर्ट ने स्वास्थ्य विभाग से पूरी जांच रिपोर्ट मागी थी। जिनमें स्वास्थ्य कारणों से विभाग ने रिपोर्ट में गर्भपात कराने पर खतरा होने की बात कही थी। इसके बाद हाईकोर्ट से उन मामलों में गर्भपात की अनुमति नहीं मिल सकी थी।
ये बोले सीएमओ
हाईकोर्ट के आदेश का पालन करते हुए साढ़े चार माह की गर्भवती किशोरी का मेरठ मेडिकल कॉलेज में गर्भपात कराया गया। किशोरी स्वस्थ है। - डॉ. तीरथलाल, सीएमओ