बड़ौत। समय से तीन माह पहले जन्मे 650 ग्राम वजनी बच्चे को प्रधानमंत्री आयुष्मान योजना का वरदान मिला, तो चिकित्सक ने भगवान बनकर बच्चे को नया जीवनदान दिया। साढ़े तीन महीने तक अस्पताल के आईसीयू में रहने के बाद शनिवार को जब बच्चे की छुट्टी हुई, तो परिजन खुशी से झूम उठे। इस दौरान अस्पताल को सजाया गया और केक भी काटा गया। बाद में फूलों से सजी एम्बुलेंस से परिजन बच्चे को लेकर घर की ओर रवाना हो गए।
बाछौड़ गांव के रहने वाले कुलवेन्द्र की पत्नी सविता को गत अगस्त माह में प्रसव पीड़ा हुई तो उसे दिल्ली के एक निजी अस्पताल में ले जाया गया, लेकिन वहां पर मां व बच्चे की हालत को देखते हुए चिकित्सक ने डिलीवरी करने से इनकार कर दिया। इसके बाद महिला को बड़ौत के आस्था अस्पताल में बाल रोग विशेषज्ञ डॉक्टर अभिनव तोमर की देखरेख में भर्ती कराया गया, जहां पर 6 महीने में ही बच्चा पैदा हो गया था। जन्म के दौरान बच्चे का सिर्फ 650 ग्राम ही वजन था और अंग भी पूरी तरह से अविकसित थे। तीन दिन अस्पताल में मां को रखने के बाद उनकी छुट्टी कर दी गई और गंभीर हालत में बच्चे का आईसीयू में इलाज शुरू कर दिया गया। डाॅक्टर अभिनव तोमर ने जब बच्चे को देखा तो सबसे बड़ी चुनौती उसके अविकसित लंग्स को ठीक करना था। इसके अलावा बच्चे को सांस लेने में भी तकलीफ हो रही थी।
पश्चिम उत्तर का पहला केस, चिकित्सक को मिली सफलता
डॉ. अभिनव तोमर ने बताया कि हर साल 5 से 7 बच्चे 900 से 925 ग्राम वजन के पैदा होते हैं। हालांकि इनकी जान बच जाती है, लेकिन इससे कम वजन का पहला केस है। इससे हमारा आत्मविश्वास बढ़ा है। उम्मीद जागी है। हम और बेहतर करेंगे।
गर्भ जैसा माहौल दिया तो आया फर्क
उन्होंने बताया कि नवजात को प्राकृतिक तौर पर विकसित होने के लिए मां के गर्भ जैसे माहौल की जरूरत थी, इसलिए अस्पताल में मौजूद मशीनों की मदद से उसका तापमान सामान्य किया गया। इसके बाद उसके लंग्स विकसित होने लगे। वजन भी 50 ग्राम वजन बढ़ा।
बच्चे को गोद में लेकर झूम उठी मां
मां ने साढ़े तीन माह बाद बच्चे को गोद में लिया तो वह बहुत खुश थी। इस दौरान अस्पताल को सजाया गया और केक भी काटा गया। बाद में फूलों से सजी एम्बुलेंस से परिजन बच्चे को लेकर घर की ओर रवाना हो गए।
बच्चे के पिता कुलवेन्द्र ने बताया कि प्रधानमंत्री आयुष्मान योजना का उन्हें बच्चे के इलाज करने में पूरी मदद मिली। क्योंकि साढे तीन महीने अस्पताल के आईसीयू के चलते उनका बहुत खर्च हो जाता। उन्होंने देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और डॉ अभिनव तोमर को धन्यवाद दिया। खुशी जताने वालों में विकास प्रधान बाछौड़, जिला पंचायत सदस्य विकास बसंत तोमर, मैनेजर निशांत व अस्पताल का स्टाफ रहा।