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Baghpat News: आयुष्मान के आशीर्वाद से पहले ही स्वर्ग सिधार गए बुजुर्ग

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बागपत। आयुष्मान का आशीर्वाद मिलने से पहले ही 450 बुजुर्ग स्वर्ग सिधार गए हैं। स्वास्थ्य विभाग के कर्मी जब 70 साल से अधिक उम्र वाले इन बुजुर्गों का आयुष्मान कार्ड बनाने के लिए इनके घर गए तो इनकी मौत होने का पता चला। ऐसे बुजुर्गों की रिपोर्ट तैयार करके शासन को भेजी जाएगी।
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सरकार ने नवंबर 2024 में 70 साल से अधिक उम्र वाले बुजुर्गों के आयुष्मान कार्ड बनाने के आदेश जारी किए थे, जिससे उम्र कि आखिरी पड़ाव में इनको स्वास्थ्य सेवाओं के लिए जूझना न पड़े। शासन से ऐसे 38 हजार बुजुर्गों की सूची भी स्वास्थ्य विभाग को भेजी गई और इनके आयुष्मान कार्ड जल्द बनाने के लिए कहा गया, इसलिए आशाओं को इनके घरों में भेजा गया। अभी तक 14 हजार बुजुर्गों के आयुष्मान कार्ड बन चुके हैं, मगर इस बीच ही 450 बुजुर्ग ऐसे मिल गए, जिनकी कुछ महीने पहले ही मौत हुई है। इनमें भी कई की बीमारी से मौत हुई है और उनका आयुष्मान कार्ड पहले मिलता तो शायद वे आयुष्मान कार्ड का लाभ ले सकते थे।
हृदय रोग के कारण चली गई राजेंद्र की जान
बागपत के पुराने कस्बे के रहने वाले राजेंद्र सिंह को 74 साल की उम्र में हृदयघात हुआ तो परिजनों ने अस्पताल में भर्ती कराकर उपचार कराया। इसके बाद भी नियमित उपचार चलता रहा और उनके उपचार पर काफी रुपये खर्च हुए। चार महीने पहले उनकी मौत हो गई। अगर उनका आयुष्मान कार्ड बन जाता तो शायद उसका लाभ मिल सकता था।
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बुखार के बाद पेट में दर्द हुआ, फिर मौत हो गई
बड़ौत की बिजरौल रोड पर रहने वाली रामकली को तीन महीने पहले बुखार हुआ था। परिजनों ने उपचार कराया तो बुखार ठीक हो गया। इसके बाद पेट में दर्द रहने लगा। अस्पताल में कई दिन भर्ती रहीं तो आराम होने पर घर आ गईं, मगर अचानक मौत हो गई। तब उनकी उम्र 78 साल थी और इनका भी आयुष्मान कार्ड बनता तो उसका लाभ ले सकती थीं।

सभी बुजुर्गों के आयुष्मान कार्ड जल्द बनाने के लिए स्वास्थ्य कर्मियों को उनके घरों तक भेजा जा रहा है। इसके बाद भी वे कार्ड बनवाने के लिए नहीं पहुंच रहे हैं। किसी के घर में 70 साल से अधिक उम्र का कोई बुजुर्ग है तो उसका आयुष्मान कार्ड जल्द बनवा सकते हैं। इससे उनको पांच लाख रुपये तक स्वास्थ्य सेवाओं के लिए रुपये खर्च नहीं करने पड़ेंगे।
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-डॉ. यशवीर सिंह, डिप्टी सीएमओ
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