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शुभ संयोग : स्वार्थ सिद्धि और श्रवण नक्षत्र में मनेगा राखी का त्योहार

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रक्षा बंधन अशुभ भद्राकाल सुबह 9:27 तक, इसके बाद ही बहन बांधे भाई को रक्षा सूत्र
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संवाद न्यूज एजेंसी
बड़ौत। सोमवार (तीन अगस्त) को रक्षा बंधन के त्योहार पर तीन शुभ संयोग आ रहे हैं। जो 1972 के बाद अब आएंगे। सोमवार को श्रवण नक्षत्र के साथ ही स्वार्थ सिद्धि और आनंद योग भी रहेगा। इन तीनों योगों का संयोग इस शुभता में वृद्धि कारक माना जा रहा है। अशुभ माना गया भद्रा योग सुबह 9:27 तक रहेगा। भद्राकाल में राखी बंधवाना अशुभ माना जाता है। पंडितों का मत है कि भद्रा समाप्त होने के बाद ही रक्षा सूत्र बंधवाना चाहिए।
तीन अगस्त को श्रावण का अंतिम सोमवार है, इस दिन पूर्णिमा है। पूर्णिमा तिथि इस दिन सर्वोदय व्यापनी है। इसकी वजह यह है कि वह एक दिन पहले दो अगस्त की रात 8:43 बजे ही प्रारंभ हो जाएगी। तीन अगस्त को पंडितों व अन्य लोगों द्वारा श्रावणी और उपाक्रम किए जाएंगे। लोग दशविधि स्नान के साथ यज्ञोपवीत संस्कार भी करेंगे। पंचवटी मंदिर के पंडित कुंदन भारद्वाज ने कहा महामारी के चलते लोग इस बार घरों में ही स्नान करें। इसके लिए चाहे तो पवित्र नदियों का जल इसमें मिला सकते हैं।
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सोमवार और पूर्णिमा होने से आनंद योग
बड़ौत। पंडित कुंदन भारद्वाज ने बताया तीन अगस्त को भद्राकाल सुबह 9:27 मिनट तक रहेगा। सोमवार को शाम तक कई शुभ मुहूर्त होंगे। इस दौरान त्योहार बनाया जा सकता है। उन्होंने बताया कि तीन अगस्त को सोमवार और पूर्णिमा होने के कारण आनंदी योग है।
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चौघड़िया के अनुसार राखी बंधवाने का समय
सुबह 9:28 से 10:30 तक शुभ
दोपहर 1:30 से 3:00 तक चर
दोपहर 3:01 से 4:30 तक लाभ
शाम 4:30 से 6:00 अमृत
शाम 6:00 से 7:30 तक चर
रात 10:30 से 12:00 लाभ
इस बार बसों में फ्री सफर करने का नहीं आया कोई आदेश
बड़ौत। बड़ौत डिपो के संचालन प्रभारी नरेंद्र मान के अनुसार अभी तक रोडवेज की बसों में रक्षा बंधन त्योहार के दिन (तीन अगस्त) महिलाओं के फ्री सफर का कोई आदेश नहीं आया है। उन्होंने कहा रोडवेज के स्थानीय अधिकारी सरकार के आदेशों का इंतजार कर रहे हैं। जैसे ही कोई हिदायत आती है, उसे तुरंत लागू किया जाएगा।
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