डॉ. कुलदीप उज्ज्वल और डीपीआरओ सर्वेश कुमार पांडेय के बीच की बातचीत का टेप वायरल होने का मामला अभी ठंडा भी नहीं पड़ा था कि एक और टेप ने तूफान खड़ा कर दिया।
पूर्व विधायक और बड़ौत से सपा के प्रत्याशी साहब सिंह ने अपनी ही पार्टी के अल्पसंख्यक सभा के प्रदेश सचिव डॉ. शकील अहमद को औकात में रहने की सलाह दे डाली। यही नहीं ओंकार यादव का समर्थन करने और डाक्टर कुलदीप उज्ज्वल को अड्डा देने का आरोप लगाते हुए सख्त लहजे में समझाया गया है।
राज्य पशुधन विभाग में सलाहकार साहब सिंह और डॉ. शकील अहमद के बीच की यह बातचीत करीब ढाई माह पहले की है। टेप वायरल हुई तो खुद शकील अहमद ने मीडिया के सामने आकर इसकी पुष्टि की।
उन्होंने बताया कुलदीप उज्ज्वल के कार्यक्रम के बाद रात के समय साहब सिंह ने फोन कर उन्हें आपत्तिजनक बातें कही थी। वह उज्ज्वल की सभा कराने से नाराज थे और ओंकार यादव के समर्थन में हुई सभा में राज्यमंत्री की मांग करने पर भी आपत्ति जताई।
शकील का दावा है कि इस टेप को उन्होंने एक शख्स के माध्यम से सपा अध्यक्ष मुलायम सिंह को भेजा था, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। पुरानी टेप बाहर आने से सपा की राजनीति में गुटबाजी को फिर हवा मिल गई है। जो बातचीत वायरल हुई है, इसमें साहब सिंह ने ओंकार यादव और कुलदीप उज्जवल को भी आपत्तिजनक बातें कही है। डॉ शकील पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
साहब सिंह और शकील की बातचीत
शकील अहमद : जी मंत्री जी नमस्कार
साहब सिंह: नमस्ते डॉक्टर साहब, क्या हालचाल हैं।
शकील अहमद: मैं ठीक हूं, आप सुनाओ
साहब सिंह: बधाई दें दे आपको। हमारी पार्टी के उम्मीदवार का भारी कार्यक्रम कराया, स्वागत अच्छा किया।
शकील अहमद: धन्यवाद जी।
साहब सिंह: किसे, आप इस लायक हो ही नहीं, घटिया काम करने की जीवन में तय है। तभी तो आप कौन....डकैत ओंकार।
शकील अहमद: मंत्री जी, लंबे समय तक आपके साथ रहा, तन-मन धन से काम किया।
साहब सिंह: नहीं नहीं मुझे पता नहीं था आपके बारे में, घटिया स्तर के आदमी हो, पता होता तो इस पार्टी में मैं आपको एंट्री नहीं देता, नंबर एक बात, उसके बाद आप जिस तरह का यहां हमारे खिलाफ जो बनाए हुए हो।
शकील अहमद: खिलाफ नहीं, आज तक आपके खिलाफ कुछ बोला हूं, कोई टिप्पणी।
साहब सिंह: मेरे खिलाफ क्या टिप्पणी कर देगा, मेरे खिलाफ क्या टिप्पणी कर देगा, क्या औकात है तेरी। सुन डॉक्टर सुन क्या औकात है तेरी। मेरी खिलाफ क्या टिप्पणी कर दोंगे।
शकील अहमद: मैं तो पार्टी के लिए कार्य करता हूं।
साहब सिंह: मतलब, तुम ओंकार के लिए कार्य करते हो, ओंकार को राज्यमंत्री बना दो, मतलब तुम यह बयान दोंगे।
शकील अहमद: वो भारत गौरव का बयान था।
साहब सिंह: नहीं अखबारों में तुम्हारा बयान था।
शकील अहमद: भारत गौरव के प्रतिष्ठान पर बैठक हुई थी।
साहब सिंह: भारत गौरव कौन है, मैं नहीं जानता। मैंने जो अखबार में पढ़ा, उसमें डॉ शकील ने हाईकमान से मांग की है कि ओंकार यादव को राज्यमंत्री का दर्जा दिया जाए।
शकील अहमद: सही नहीं, गलत समझ रहे हैं आप, मैं तो।
साहब सिंह: मैं गलत समझ रहा हूं, पागल हूं, बुद्धिहीन हूं। तुम अक्लमंद हो, तुम फर्जी डिग्री बांटते हो, अवैध काम करते हो, तुम दलाली करते हो, ऊंट कटवाते हो, तुम सट्टे और जुएं के काम कराते हो, तुम अक्लमंद हो।
शकील अहमद: मैं कोई गलत काम नहीं करता।
साहब सिंह: तुम मेरे संज्ञान में अब आए हो, सब इग्नोर करके चला हूं, मैं देखता हूं तुम क्या करते हो।
शकील अहमद: मंत्री जी गलत समझ रहे हो।
साहब सिंह: मैं गलत नहीं समझता। समझ चुका हूं, बहुत इग्नोर किया। तुमने बागपत में मेरे खिलाफ विरोधियों का केंद्र बना दिया, कभी ओंकार यादव को मंत्री बनाने का बयान देते हो, कभी कौन ...कुलदीप उज्ज्वल तुम इसकी रोज वो... कराते हो। तुम भी सिफारिश कर लेना, रख लेना उसे उम्मीदवार।