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बागपत में पुलिस पर पथराव: पुलिसकर्मियों ने भागकर बचाई जान, झगड़ा शांत करने पहुंची थी टीम, 14 के खिलाफ मुकदमा

Mon, 23 Dec 2024 12:26 PM IST
डिंपल सिरोही न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बागपत

सार

बागपत के ओढ़ापुर में झगड़ा शांत कराने पहुंची पुलिस पर पथराव कर दिया गया। बताया गया कि मारपीट के मामले में समझौते को लेकर पंचायत में मारपीट हो गई जिसकी सूचना पर पुलिस झगड़ा शांत करने के लिए पहुंची थी।
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पुलिस पर पथराव - फोटो : amarujala
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विस्तार
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बागपत के ओढ़ापुर गांव में दो पक्षों के बीच मारपीट और पथराव की सूचना पर पहुंची पुलिस टीम पर भी पथराव कर दिया गया। वहां से पुलिसकर्मियों ने किसी तरह भागकर जान बचाई। दोनों पक्षों के 14 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया। 

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ओढ़ापुर गांव में रहने वाले ताहिर ने बताया कि उसका बेटा मुशीर दो दिन पहले गाड़ी लेकर जा रहा था। रास्ते में खड़े युवकों ने उसकी गाड़ी रुकवाकर मारपीट कर दी। इसकी शिकायत उन्होंने पुलिस से कर दी थी। इस विवाद को लेकर दोनों पक्षों के लोगों के बीच रविवार को पंचायत चल रही थी।

पंचायत में दूसरे पक्ष के लोगों ने उन पर लाठी डंडों से हमला कर दिया। उधर दूसरे पक्ष के वसीम ने बताया कि उन पर हमला किया गया। दोनों पक्षों के बीच मारपीट और पथराव होने लगा। इसकी सूचना मिलने पर पुलिस की टीम गांव पहुंची तो लोगों ने पुलिस पर भी पथराव कर दिया। पुलिसकर्मियों ने किसी तरह गांव से वापस भागकर जान बचाई। 
 

इसके बाद थाने से पुलिस बल बुलाकर मामला शांत कराया गया तो दोनों पक्ष वहां से भाग गए। इस मामले में एसआई सतेंद्र सिंह ने थाने में तहरीर देकर एक पक्ष के वसीम, नदीम, शारिक, सरफराज, आमिर, साहेआलम, रिहान, और दूसरे पक्ष से महताब उर्फ काला, सुहेल, मुसीर, तारिक, साकिब, तजमीर, तौकीर के खिलाफ बलवा करने की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया। पुलिस का कहना है कि आरोपियों की तलाश में दबिश दी जा रही है, जल्द ही गिरफ्तार कर लिए जाएंगे। 
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हमलावरों को बचाने और छोड़ने का आरोप लगाया
ओढ़ापुर गांव के रहने वाले ताहिर ने आरोप लगाया कि उनके परिवार को समझौते के लिए बुलाकर हमला किया गया। इसमे परिवार की युवतियों समेत कई लोग घायल हो गए। पुलिसकर्मी उसके बेटे और दूसरे पक्ष के तीन लोगों को पकड़कर ले गए। आरोप लगाय कि पुलिस ने दूसरे पक्ष के सात लोगों पर ही मुकदमा दर्ज किया, जबकि मुख्य हमलावरों के नाम शामिल नहीं किए गए। आरोप लगाया कि पुलिस ने दूसरे पक्ष के तीन युवकों को रात में छोड़ दिया। 
 
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