पंचायत में दूसरे पक्ष के लोगों ने उन पर लाठी डंडों से हमला कर दिया। उधर दूसरे पक्ष के वसीम ने बताया कि उन पर हमला किया गया। दोनों पक्षों के बीच मारपीट और पथराव होने लगा। इसकी सूचना मिलने पर पुलिस की टीम गांव पहुंची तो लोगों ने पुलिस पर भी पथराव कर दिया। पुलिसकर्मियों ने किसी तरह गांव से वापस भागकर जान बचाई।
इसके बाद थाने से पुलिस बल बुलाकर मामला शांत कराया गया तो दोनों पक्ष वहां से भाग गए। इस मामले में एसआई सतेंद्र सिंह ने थाने में तहरीर देकर एक पक्ष के वसीम, नदीम, शारिक, सरफराज, आमिर, साहेआलम, रिहान, और दूसरे पक्ष से महताब उर्फ काला, सुहेल, मुसीर, तारिक, साकिब, तजमीर, तौकीर के खिलाफ बलवा करने की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया। पुलिस का कहना है कि आरोपियों की तलाश में दबिश दी जा रही है, जल्द ही गिरफ्तार कर लिए जाएंगे।
हमलावरों को बचाने और छोड़ने का आरोप लगाया
ओढ़ापुर गांव के रहने वाले ताहिर ने आरोप लगाया कि उनके परिवार को समझौते के लिए बुलाकर हमला किया गया। इसमे परिवार की युवतियों समेत कई लोग घायल हो गए। पुलिसकर्मी उसके बेटे और दूसरे पक्ष के तीन लोगों को पकड़कर ले गए। आरोप लगाय कि पुलिस ने दूसरे पक्ष के सात लोगों पर ही मुकदमा दर्ज किया, जबकि मुख्य हमलावरों के नाम शामिल नहीं किए गए। आरोप लगाया कि पुलिस ने दूसरे पक्ष के तीन युवकों को रात में छोड़ दिया।