तिलवाड़ा में मिट्टी के नमूने लेते एएसआई टीम के सदस्य। स्रोत वीडियोग्रैब
- टीम ने भी सर्वेक्षण में कुआं होने की तरफ किया इशारा
संवाद न्यूज एजेंसी
बड़ौत। तिलवाड़ा के खेड़ा में किसान आशीष के खेत में खोदाई के दौरान मिली प्राचीन दीवारें, ईंटें, मृदभांडों की जांच करने के लिए बृहस्पतिवार को भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग की टीम पहुंची। वहां से मिट्टी के नमूने लेने के बाद ग्रामीणों से भी जानकारी जुटाई।
किसान ने पुरावशेष मिलने के बाद खोदाई का काम बंद कर दिया और इसके बारे में पुरातत्व विभाग को अवगत कराया था। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण मेरठ सर्किल की एक टीम तिलवाड़ा के खेड़ा में उस खेत में पहुंची, जहां पुरावशेष मिले हैं। टीम ने ग्रामीणों से भी कुछ जानकारी जुटाने का प्रयास किया। टीम के सदस्यों ने खेत का प्रारंभिक सर्वेक्षण कर साक्ष्य जुटाए। यहां से खंडित मृदभांड, मिट्टी के नमूने, ईंटों को भी एकत्रित किया। सर्वेक्षण के बाद टीम के सदस्यों ने भी कुआं होने की तरफ इशारा किया है।
सर्वेक्षण की रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को सौंपी जाएगी, जिसके बाद यहां पर खोदाई को लेकर संबंधित निर्णय लिया जाएगा। हालांकि अभी यहां पर खोदाई शुरू करने संबंधित कोई बात नहीं कही गई है। इससे पहले शहजाद राय शोध संस्थान के निदेशक डॉ़ अमित राय जैन अपने आंकलन के अनुसार यहां पर पांच हजार साल पुराना कुआं होने की संभावना जता चुके हैं। जिसे महाभारत काल से पहले का बताया गया है। अब एएसआई की जांच के बाद ही यहां पर मिले पुरावशेषों के काल को लेकर स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।