शादी में सैनिकों ने निभाई हर जिम्मेदारी
सोमवार रात जब हवलदार हरेंद्र की बेटी प्राची की शादी का दिन आया तो जाट रेजीमेंट के कैप्टन, सूबेदार, नायब सूबेदार और हवलदार समेत कई सैनिक गांव पहुंचे। उन्होंने शादी की तैयारियों से लेकर बारात के स्वागत तक हर जिम्मेदारी संभाली। घराती और बारातियों की मेजबानी से लेकर सभी रस्मों में सैनिकों ने पिता की ओर से पूरा साथ निभाया।
कन्यादान में दिए साढ़े छह लाख रुपये
फेरों से लेकर विदाई तक सैनिक बेटी के साथ खड़े रहे। इस दौरान जाट रेजीमेंट के सैनिकों ने मिलकर करीब साढ़े छह लाख रुपये का कन्यादान भी दिया। साथ ही शामली जनपद से बारात लेकर आए दूल्हे शुभम को आशीर्वाद देते हुए प्राची का सुख-दुख में साथ निभाने का वादा कराया।
विदाई के समय नम हो गईं वर्दियां
विदाई के समय माहौल बेहद भावुक हो गया। जब बेटी की डोली उठी तो वहां मौजूद सैनिकों की आंखें भी नम हो गईं। शादी में मौजूद लोगों को यही महसूस हुआ कि भले ही पिता इस दुनिया में नहीं रहे, लेकिन उनके साथी सैनिकों ने बेटी को कभी अकेला नहीं होने दिया। इस घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया कि फौज में बने रिश्ते केवल ड्यूटी तक सीमित नहीं होते, बल्कि जीवनभर साथ निभाने की मिसाल बन जाते हैं।