बागपत। डीएम राजकमल यादव ने बताया कि केंद्र व प्रदेश सरकार की ओर से जनकल्याणकारी योजनाएं चलाई जा रही हैं। उत्तर प्रदेश खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड, लखनऊ द्वारा ग्रामीण क्षेत्र में उद्योग स्थापित करने के लिए मुख्यमंत्री ग्रामोद्योग रोजगार योजना है।
योजना में ग्रामीण क्षेत्र के कुशल श्रमिकों, प्रवासी नागरिकों एवं शिक्षित बेरोजगारों को बैंकों के माध्यम से वित्तपोषण उपरांत दस लाख रुपये लाख तक नई इकाइयां/उद्योग स्थापित कराकर स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे। ऋण पर ब्याज की छूट का प्रावधान है। एसी मरम्मत, वाटर कूलर एवं प्योरीफायर मरम्मत, ऑटो मैकेनिक, कार मरम्मत बढ़ईगिरी, कम्प्यूटर/लैपटॉप मरम्मत, मोबाइल रिपेयरिंग, विद्युत एवं इलेक्ट्रॉनिक मरम्मत, फैब्रिकेशन (गेट ग्रिल), रेडीमेड गारमेंट्स, टेलरिंग, गैस स्टोव, जेनरेटर, इन्वर्टर मरम्मत, बाइक मरम्मत, प्लंबर, टेलीविजन, वाशिंग मशीन के प्रशिक्षित पुरुष व महिला अभ्यर्थी आवेदन कर सकते हैं।
प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्र के बेरोजगार नवयुवकों/नवयुवतियों को 25 लाख तक की इकाइयां बैंकों के माध्यम से स्थापित कराई जाती हैं। सामान्य वर्ग के अभ्यर्थी 25 प्रतिशत और आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थी के लिए 35 प्रतिशित मार्जिनमनी सब्सिडी का प्रावधान है। पंडित दीनदयाल रोजगार योजनांतर्गत पीएमईजीपी इकाइयों को 13 प्रतिशत तक ब्याज उपादान का लाभ तीन वर्षों तक प्रदान किया जाएगा।