09 बजकर आठ मिनट बृहस्पतिवार रात से दस बजकर 18 मिनट तक होलिका दहन का उत्तम योग
संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत। इस बार होली पर्व पर अमृत योग बन रहा है। बुध और गुरु दोनों गृह कुंभ राशि में रहकर उत्तम योग बना रहे है। साथ ही चंद्रमा के सिंह राशि में रहने से सुख शांति का वरदान देंगे। होलिका दहन के लिए बृहस्पतिवार की रात नौ बजकर आठ मिनट से दस बजकर 18 मिनट तक उत्तम योग है। होलिका दहन के समय अग्नि में गुगल, लौंग और कपूर की आहुति देने से कष्टों से मुक्ति मिलेगी।
ज्योतिषाचार्य पंडित राजकुमार शास्त्री ने बताया कि होलिका दहन 17 मार्च और रंग 18 मार्च को है। होलिका दहन पूर्णिमा तिथि में ही होता है। इस बार पूर्णिमा तिथि 17 मार्च को दिन में डेढ़ बजे से 18 मार्च को दिन में 12 बजकर 47 मिनट तक रहेगी। धार्मिक ग्रंथों के आधार पर पूर्णिमा जिस दिन शाम को होती है, उसी दिन होलिका दहन किया जाता है। 18 को दोपहर में पूर्णिमा समाप्त हो जाएगी, इसलिए होलिका दहन 17 मार्च को ही होगा। पंडित राजकुमार शास्त्री के अनुसार होली के पर्व में भद्रा का विशेष महत्व होता है। भद्रा के पूंछ काल में होलिका दहन करना शुभ माना जाता है। 17 मार्च को भद्रा का पूंछ काल रात्रि नौ बजकर आठ मिनट से रात्रि दस बजकर 18 मिनट तक रहेगा। होलिका दहन के बाद ही रंगोत्सव मनाया जाता है।