प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से मिली जानकारी के अनुसार एनजीटी ने ये आदेश जारी किए हैं। इसमें इन सभी विभागों की अलग-अलग कार्य योजना मांगी गई है। सभी विभाग मिलकर इस पर कार्य कर रहे हैं।
- सुभाष सिंह, एसडीएम
जिले में पर्यावरण संरक्षण के लिए जिला पर्यावरण योजना बनाई जा रही है। शहरों से कचरे, मेडिकल वेस्ट, ई-वेस्ट, पानी की स्वच्छता, हवा की स्वच्छता सहित अन्य पैरामीर्ट्स को लेकर कई विभागों के साथ मिलकर कार्य योजना तैयार की जा रही है।
- अनुज कौशिक, ईओ, बड़ौत पालिका
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प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड व एनजीटी के आदेश मिलने के बाद यह प्लान तैयार किया जा रहा है। सभी विभाग अपनी-अपनी योजनाएं दे रहे हैं।
- राजपाल सिंह, वन क्षेत्राधिकारी बड़ौत
इन कारणों से फैलता है वायु प्रदूषण
1- ईट भट्ठों से निकले वाला धुआं।
2- कूड़ा-कचरा को जलाकर नष्ट करना।
3- किसी भी प्रकार के धुआं को वायु में मिश्रित करना।
4- अंधाधुंध पेड़ कटान व वृक्षारोपण में सहयोग ना करना।
5- फसलों के अवशेषों को जलाना।
6- समय अवधि पूरी करने के उपरांत सड़कों पर दौड़ रही बसों के धुएं से।
7- अंधाधुंध जल दोहन करना।
8- पॉलीथिन व प्लाटिस्क को जलाने से