- देशखाप के चौधरी सुरेंद्र सिंह ने कहा कि अन्नदाता का दिया साथ
अमर उजाला ब्यूरो
बागपत। पिछले 34 साल में किसानों ने कई बड़े आंदोलन किए। अमर उजाला ने किसानों की आवाज को मजबूती से उठाया। भाकियू के आंदोलन, चौगामा नहर के लिए धरने प्रदर्शन या बिजली बिल के लिए समय-समय पर होने वाले आंदोलनों में अमर उजाला किसानों की आवाज बनता रहा। भूमि अधिग्रहण के मुद्दों पर किसानों की आवाज को उठाया गया।
देशखाप चौरासी के चौधरी सुरेंद्र सिंह का कहना है कि भाकियू के गठन से लेकर हर आंदोलन में अमर उजाला ने अहम भूमिका निभाई। किसान को नई ताकत देने का काम समाचार पत्र ने किया।
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किसान अधिकार आंदोलन के संयोजक नरेंद्र राणा ने बताया कि चौगामा नहर के लिए धरने प्रदर्शन और मेरठ से लखनऊ तक की पदयात्रा की गई। अमर उजाला ने किसान हित के मुद्दे को प्रमुखता से उठाया, जिससे अधिकारियों की आंख खुली थी।
किसान अधिकारों के लिए लंबे समय तक लड़ाई लड़ने वाले रालोद नेता जयपाल नेताजी का कहना है कि जिले के हर मुद्दे पर अमर उजाला ने अपनी खास भूमिका निभाई है। किसानों के साथ अमर उजाला हमेशा मजबूती से खड़ा रहा। सड़कों के लिए भूमि अधिग्रहण, बिजली बिल जैसे मुद्दों पर किसानों की आवाज बना।