पहलवानों के साथ भ्रष्ट सिस्टम को भी हराया की खबर से संबंधित फोटो। सरूरपुर गांव के प्रिंस नैन क
बागपत। सरूरपुरकलां गांव का प्रिंस नैन स्कूल कुश्ती प्रतियोगिता में विपक्षी पहलवानों को पटखनी देकर जीत दर्ज करता रहा तो उसे भ्रष्ट सिस्टम ने हराने को दम लगा दिया। मगर उसने हार नहीं मानी और उसने पहलवानों के साथ ही भ्रष्ट सिस्टम से लड़कर जीत दर्ज की। अब वह नेशनल स्कूल कुश्ती प्रतियोगिता में कांस्य पदक जीतकर ले आया।
सरूरपुरकलां गांव के किसान सुभाष नैन के बेटे प्रिंस नैन ने जिला स्तरीय स्कूल कुश्ती प्रतियोगिता में ग्रीको रोमन के 60 किलो भार वर्ग में स्वर्ण पदक जीता था।
मंडल स्तर पर चयन हो गया था तो वहां भी प्रिंस नैन ने स्वर्ण पदक जीत लिया। इसके बाद ही फर्जीवाड़ा शुरू हुआ और मंडल स्तर से उसकी जगह दूसरे स्थान पर रहने वाले पहलवान का नाम प्रदेश स्तरीय कुश्ती प्रतियोगिता के लिए भेज दिया गया।
जब प्रिंस गोरखपुर में अक्तूबर 2024 में हुई राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में पहुंचा तो वहां उसका नाम नहीं था। वहां प्रिंस नैन व उसके पिता सुभाष ने आयोजकों को पूरी स्थिति से अवगत कराया तो उसको खेलने की अनुमति दी गई। वहां भी प्रिंस ने जीत दर्ज की तो उसके बाद उसको सूची में नाम नहीं होने की बात कहकर बाहर कर दिया गया। वहां से लौटने के बाद प्रिंस व पिता सुभाष ने अधिकारियों से लेकर मुख्यमंत्री के दरबार तक शिकायत की।
इसके बाद जांच समिति का गठन किया गया और समिति की जांच में फर्जीवाड़ा सामने आया। फर्जीवाड़ा करने वाले शिक्षकों पर कार्रवाई की संस्तुति करते हुए प्रिंस का नाम राष्ट्रीय स्कूल कुश्ती प्रतियोगिता के लिए भेजा गया। यह कुश्ती प्रतियोगिता दिल्ली में 22-27 अप्रैल तक हुई। इसमें प्रिंस ने छत्तीसगढ़ के पहलवान पंकज को हराकर कांस्य पदक जीता।