बागपत। जिला पंचायत अध्यक्ष पद के चुनाव को लेकर जिला पंचायत सदस्यों की खरीद फरोख्त और दबाव का दौर चल रहा है। सत्ता पक्ष और विपक्ष ने अपने प्रत्याशी की जीत के लिए हर हथकंडे अपनाने शुरू कर दिए हैं। मंगलवार को रालोद नेताओं ने एडीजी से मिलकर सत्ता पक्ष के लोगों पर जिला पंचायत सदस्यों के उत्पीड़न करने और फर्जी तरीके से एफआईआर दर्ज कराने के आरोप लगाए। साथ ही चेतावनी दी कि इस प्रकार का दबाव एवं उत्पीड़न बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
मंगलवार को रालोद नेताओं का एक प्रतिनिधि मंडल ने मेरठ पहुंचकर एडीजी राजीव सब्बरवाल से मुलाकात की। जिसमें पूर्व मंत्री डॉ. मैराजुददीन ने कहा यदि किसी जिला पंचायत सदस्य का उत्पीड़न किया गया तो रालोद आंदोलन से पीछे नहीं हटेगा। पूर्व विधायक राजेंद्र शर्मा ने कहा कि सत्ताधारी जिला पंचायत अध्यक्ष का चुनाव जीतने के लिए सदस्यों को धमका रहे हैं। फर्जी मुकदमे लगाए जा रहे हैं। जिसको किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। पूर्व विधायक वीरपाल राठी ने कहा कि रालोद के पास जिला पंचायत अध्यक्ष पद का चुनाव जीतने के लिए पूर्ण बहुमत है। जिसको लेकर सत्ता पक्ष के लोग बौखलाए हुए हैं। रालोद जिलाध्यक्ष जगपाल तेवतिया ने कहा अगर एक हफ्ते के अंदर सभी मुकदमे खत्म नहीं किए गए तो महापंचायत कर डीएम कार्यालय को घेरेंगे। संगठन मंत्री डॉ. राजकुमार सांगवान ने कहा कि सरकार आती जाती रहती हैं। कानून को अपना काम करना चाहिए। सत्ता के दबाव में कानून को नहीं झुकना चाहिए। रालोद के प्रदेश उपाध्यक्ष धीरज उज्ज्वल ने कहा कि रालोद के पास जिला पंचायत 15 हैं। जिला पंचायत अध्यक्ष अध्यक्ष रालोद का ही बनेगा।