बड़ौत। कई राज्यों में डेल्टा प्लस के अलर्ट की घोषणा होने के बाद भी बड़ौत डिपो के स्थानीय अधिकारी यात्रियों के स्वास्थ्य को लेकर गंभीर नहीं दिखाई दे रहे हैं। जबकि पूर्व में संक्रमण के चलते डिपो के कई कर्मी जान गंवा चुके हैं। बाहर से आने वाली बसों के यात्रियों की जांच करने वाली स्वास्थ्य विभाग की एंटीजन टेस्टिंग टीम भी कई दिन से डिपो में दिखाई नहीं दे रही है। इस कारण डिपो में तैनात कर्मियों को चिंता सताने लगी है।
बड़ौत डिपो में वर्तमान में निगम की 70 में से 48 बसें संचालित हैं। ये बसें लोकल और लंबे रूट पर संचालित होती है। खास बात यह है कि संक्रमण के चलते अभी यूपी से सटे राज्यों में आवागमन शुरू नहीं हुआ है। इस कारण बड़ौत डिपो की बसें न तो दिल्ली जा रही है और न ही उत्तराखंड। जनपद में संक्रमण की रफ्तार कम हो गई है। इस कारण बसों में यात्रियों की संख्या में धीरे धीरे इजाफा हो रहा है।
डेल्टा प्लस को लेकर कई राज्यों में अलर्ट कर दिया गया है, लेकिन बड़ौत डिपो के बस स्टैंड पर स्वास्थ्य विभाग की तैनात एंटीजन टेस्टिंग टीम भी कई दिन से डिपो से गायब नजर आ रही है। इस कारण बाहर से आने वाले बस यात्रियों की जांच नहीं हो रही है। वर्तमान समय में बस स्टैंड परिसर में थर्मल स्कैनिंग हो रही है। डिपो के बस संचालन प्रभारी नरेंद्र मान बताया कि बस स्टैंड पर स्वास्थ्य विभाग की टीम कई दिन से नहीं आ रही है। इस कारण यात्रियों की एंटीजन टेस्टिंग नहीं हो पा रही है। उधर, बड़ौत सीएचसी के अधीक्षक डॉ. विजय कुमार ने बताया फिलहाल कई टीमें सीएचसी सहित पीएचसी व अन्य जगहों पर टीकाकरण अभियान मेें लगी हुई हैं, जल्द ही रोडवेज बस स्टैंड पर यात्रियों की एंटीजन टेस्टिंग शुरू कराई जाएगी।