बागपत। गो सेवा आयोग के सदस्य रमाकांत वर्मा ने कहा कि सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव सनातन संस्कृति का अपमान करते हैं। संस्कृति का अपमान करने वाले ऐसे लोगों का डीएनए टेस्ट होना चाहिए, ताकि पता चल सके कि उनके अंदर कैसा खून दौड़ रहा है।
वह मंगलवार को लोनिवि गेस्ट हाउस में पत्रकारों से वार्ता कर रहे थे। उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के गोशाला से बदबू आने वाले बयान की निंदा की। कहा कि गो माता के गोबर से बदबू आने का बयान देकर सनातन धर्म की आस्था को ठेस पहुंचाई है। इसके लिए उन्हें गोमाता के चरणों में गिरकर माफी मांगनी चाहिए। तभी उनको गलती की माफी मिल सकती हैं। गोमाता हमारे धर्म, कृषि और भारतीय संस्कृति का आधार है।
उन्होंने कहा कि सपा सरकार में गाय की तस्करी होती थी और योगी सरकार में तस्करी करने वालों पर कार्रवाई होती हैं। उन्होंने गोरक्षा के लिए सनातन समाज को गोसेवा और सनातन मूल्यों की रक्षा के लिए एकजुट होने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि गोमाता और सनातन संस्कृति का अपमान सहन नहीं किया जाएगा। सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष 2027 में सरकार बनाने का सपना देख रहे हैं, लेकिन हिंदुओं व गोमाता का अपमान कर वह सत्ता में नहीं आ सकते।
- मुख्यमंत्री सहभागिता योजना से किसानों की आय होगी दोगुनी
रमाकांत वर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री सहभागिता योजना के अंतर्गत गोमाता को गोशालाओं से निकाल कर किसान को दिया जाएगा। गाय के पालन के लिए किसानों को सरकार की ओर से प्रतिदिन प्रति गोवंश 50 रुपये का अनुदान दिया जाएगा। किसान के घर पर सब्सिडी के आधार पर बायोगैस प्लांट लगवाया जाएगा। इससे किसानों की आय दोगुनी होगी। क्योंकि उनको बायोगैस प्लांट से गैस के साथ ही खाद भी मिलेगी।