दिल्ली में धरना स्थल पर किसानों के समर्थन के लिए पहुंचे वकील
बागपत। कचहरी परिसर में अधिवक्ताओं की बैठक में किसान आंदोलन का समर्थन किया गया है। अधिवक्ताओं ने कहा कि कृषि कानून किसान विरोधी हैं। किसानों की मांगे पूरी होनी चाहिए। कानून को भाजपा सरकार वापस लें।
जिला बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष एडवोकेट जयवीर सिंह तोमर ने कहा कि पंजाब और हरियाणा के किसानों ने जो मांग उठाई है, पूरी तरह से जायज है। देश का किसान केंद्र सरकार के तीनों काले कानून के विरोध में लामबंद है। केंद्र सरकार किसानों को उत्पीड़न कर रही है, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार किसानों के साथ अंग्रेजों से भी बढ़कर अत्याचार कर रही है। सरकार को किसानों के बजाए पूंजीपतियों के संरक्षण की चिंता है। उन्होंने कहा कि अधिवक्ता दिल्ली धरना स्थल पर पहुंचकर किसानों का सहयोग करेंगे। बैठक में पूर्व डीजीसी केपी सिंह, मूलचंद यादव, देवेंद्र आर्य, पूर्व महामंत्री नरेंद्र मान, खलील अहमद, पूर्व अध्यक्ष सत्येंद्र खोखर, प्रदीप नैन, इफ्तखार हसन, राजकुमार त्यागी, लोकेंद्र तोमर सहित काफी संख्या में अधिवक्ता मौजूद रहे।
दिल्ली रवाना हुए भाकियू कार्यकर्ता
बागपत। दिल्ली में कृषि कानून के विरोध में चल रहे किसानों के धरना प्रदर्शन में शामिल होने के लिए शुक्रवार को इंद्रपाल सिंह के नेतृत्व में भाकियू कार्यकर्ता दिल्ली के लिए रवाना हुए। दिल्ली जाने वालों में कुलदीप प्रधान, गजेंद्र, दयाचंद, टेकराम, अनुज व बाबू रहे।
किसानों को बांटा खाना, फल और दूध
बागपत। समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष बिल्लू प्रधान के नेतृत्व में शुक्रवार को कार्यकर्ता सिंघु बॉर्डर किसानों के धरने पर पहुंचे। उन्होंने कृषि कानून के विरोध में धरना दे रहे किसानों को खाना, फल व दूध वितरित किया। पूर्व मंत्री तराबुद्दीन चौधरी, महिला प्रकोष्ठ की जिलाध्यक्ष सीमा यादव, व्यापार प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष ललित, नीटू सभासद, प्रमोद विश्वकर्मा, सुशील, रविंद्र, राधे गुर्जर, सुनील यादव, नूर मोहम्मद, कर्मवीर प्रधान रहे।