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Baghpat News: हाईकोर्ट की पश्चिमी बेंच के लिए 22 जिलों के अधिवक्ताओं ने बागपत में भरी हुंकार

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बागपत। इलाहाबाद हाईकोर्ट की पश्चिमी बेंच के गठन के लिए शनिवार को बागपत कचहरी परिसर स्थित चौधरी चरण सिंह सभागार में 22 जिलों के अधिवक्ताओं ने एकजुटता का आह्वान किया। अधिवक्ता सम्मेलन में दिल्ली तक पैदल मार्च निकालकर जंतर-मंतर पर धरना देने का निर्णय लिया गया। इसके लिए जल्द ही बैठक कर तारीख की घोषणा की जाएगी। इस दौरान अधिवक्ता संरक्षण अधिनियम लागू करने समेत आठ प्रस्ताव भी पास किए गए।
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सम्मेलन में केंद्रीय संघर्ष समिति के अध्यक्ष अनुज शर्मा ने कहा कि पिछले 55 साल से पश्चिमी यूपी में अलग हाईकोर्ट बेंच के गठन की आवाज उठाई जा रही है। इसके आंदोलन के लिए समय-समय पर रूपरेखा तैयार की जाती रही है, लेकिन अब पश्चिम के अधिवक्ताओं को एकजुट होकर आवाज उठानी होगी।
इसमें व्यापारी, किसान और आम लोगों को भी जोड़कर साथ लाना होगा। उन्होंने राजनीतिक दलों से आग्रह किया कि वह पृथक बेंच के गठन का समर्थन करें, ताकि इस मुद्दे पर जीत हासिल की जा सके। कई घंटे चले सम्मेलन में बार काउंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश से जारी कार्ड धारक अधिवक्ताओं के वाहनों को टोल फ्री करने की मांग उठाई गई।
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इसके साथ ही 22 जिलों से आए बार एसोसिएशन के अध्यक्षों, महामंत्रियों व अधिवक्ताओं ने बेंच नहीं तो वोट नहीं का नारा देते हुए राजनीतिक दलों को घेरने की भी कोशिश की। संचालन मेरठ बार एसोसिएशन के महामंत्री परवेज आलम और बागपत बार एसोसिएशन के महामंत्री अजीत सिंह ने किया। सम्मेलन में नोएडा बार एसोसिएशन के अध्यक्ष मनोज भाटी, महामंत्री शोभाराम चंदौला, गाजियाबाद बार एसोसिएशन के अध्यक्ष ब्रह्मदेव त्यागी, मेरठ बार एसोसिएशन के अध्यक्ष रविंद्र कुमार, सहारनपुर अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष राहुल त्यागी, कैराना बार एसोसिएशन के अध्यक्ष ईशपाल सिंह, महामंत्री अनिल कुमार, बुढ़ाना बार एसोसिएशन के अध्यक्ष सुरेशपाल, वरिष्ठ अधिवक्ता देवेंद्र आर्य, पूर्व एडीजीसी अनुज ढाका समेत कई पदाधिकारी मौजूद रहे।



सम्मेलन में ये प्रस्ताव पास हुए



-हाईकोर्ट बेंच की मांग को लेकर शनिवार की हड़ताल जारी रहेगी और रजिस्ट्री कार्यालयों में भी काम नहीं किया जाएगा।



-प्रदेश में अधिवक्ता संरक्षण अधिनियम लागू कराने के लिए जल्द ही प्रतिनिधि मंडल मुख्यमंत्री से मिलेगा।



-उच्च न्यायालय से जारी पत्र में अध्यक्ष और महामंत्री को वचनबद्ध करने की निंदा की और अधिवक्ताओं की तरफ से शपथपत्र पेश न करने का निर्णय लिया।



-हाईकोर्ट बेंच की मांग को लेकर दिल्ली जंतर-मंतर पर धरना दिया जाएगा, इसके लिए जल्द ही तारीख की घोषणा की जाएगी।



कचहरी जाने वाले सीओपी धारक अधिवक्ताओं के वाहनों के लिए टोल फ्री कराने के लिए मंत्री और अफसरों के कार्यालय पर धरना दिया जाएगा।

-अधिवक्ताओं के जबरदस्ती चालान काटने, अभद्र व्यवहार, प्राथमिकी दर्ज करने के मामलों में पुलिस अफसरों से मिलकर समाधान कराया जाएगा।



-बेंच की मांग को लेकर दिल्ली तक पैदल मार्च निकाला जाएगा, इसके लिए समय जल्द तय किया जाएगा।



-वेस्ट यूपी के सभी बार अध्यक्ष, महामंत्री के लिए सीयूजी नंबर जारी कराकर व्हाट्सएप ग्रुप बनाया जाएगा।







सरकारों का साथ न मिलना चिंताजनक



पिछले पांच दशक से लगातार हाईकोर्ट बेंच की मांग उठाई जा रही है, लेकिन किसी भी सरकार ने इसकी पैरवी नहीं की। अब समय आ गया है कि वेस्ट यूपी के अधिवक्ता एकजुट होकर आवाज उठाएं और इसमें सभी का सहयोग लिया जाए। राजेंद्र कुमार, अध्यक्ष जिला बार एसोसिएशन बिजनौर


आम जनता को साथ लेकर आंदोलन करेंगे



अधिवक्ता लगातार बेंच की मांग उठा रहे हैं और शनिवार को हड़ताल भी रख रहे हैं। बार-बार किए जा रहे आंदोलन के बाद भी मांग पूरी नहीं की गई। इस बार आम जनता को साथ जोड़कर आंदोलन किया जाएगा। सुभाष तोमर, अध्यक्ष, जिला बार एसोसिएशन बागपत।



वेस्ट यूपी को बंद किया जाएगा



अधिवक्ता अकेले ही बेंच की मांग उठा रहे हैं, जबकि इसकी जरूरत वेस्ट यूपी के व्यापारी, किसान और हर आम आदमी को है। व्यापारियों को साथ लेकर वेस्ट यूपी बंद कर आंदोलन किया जाएगा। सत्यपाल सिंह यादव, अध्यक्ष, पश्चिम उत्तर प्रदेश निर्माण मोर्चा।



अलग बेंच हमारा हक
यूपी में हाईकोर्ट बेंच की मांग हमारा हक है और इसे लेकर रहेंगे। बेंच नहीं तो वोट नहीं का नारा जारी रहेगा और बेंच की पैरवी नहीं करने वाले राजनीतिक दलों का अधिवक्ता समाज बहिष्कार करेगा। परवेज आलम, संयोजक, केंद्रीय संघर्ष समिति हाईकोर्ट बेंच
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