बागपत। टिड्डी दल को लेकर प्रशासन ने पूरी तैयारी कर ली है। कृषि और गन्ना विभाग के अधिकारियों की टीमें गठित कर लोगों को जागरूक किया जा रहा है। प्रत्येक ब्लॉक पर सहायक विकास कृषि अधिकारी के नंबर जारी कर दिए है, जिन पर किसान सूचित कर सकते है। कंट्रोल रूम भी स्थापित किया गया है। सूचना मिलते ही तुरंत कार्रवाई की जाएगी।
टिड्डी दल का अलीगढ़-आगरा जिलों में प्रवेश कर चुका है। दल की रफ्तार 70 किलोमीटर प्रति घंटा है, जो हवा के रुख के साथ एक दिन में 200 से 250 किलोमीटर तक पहुंच जाता है। अगर हवा कर रुख बदला तो टिड्डी दल जिले में भी प्रवेश करने की संभावनाएं बढ़ जाएगी। दल में करोड़ों की संख्या में दो से ढाई इंच के पीले रंग के कीट कुछ ही घंटों में फसल नष्ट कर देते है। जिला कृषि रक्षा अधिकारी डॉ सूर्य प्रताप सिंह ने बताया कि दल को ड्रम, ढोल, टीन के डिब्बे बजाने से भगाया जा सकता है। टिड्डी दल से फसल के बचाव के लिए कृषि व गन्ना विभाग के अधिकारियों की टीमें गठित कर गांवों में भ्रमण कर लोगों को जागरूक किया जा रहा है। सभी ब्लॉक पर सहायक विकास कृषि अधिकारी के नंबर जारी कर दिए है। जिले में टिड्डी दल के प्रवेश करने पर नगर पालिका व फायर बिग्रेड की मदद से दवाई का छिड़काव कराया जाएगा।
इस तरह करें बचाव
बागपत। रात 12 बजे के बाद और सुबह छह बजे से पहले क्लोरोपाईरीफॉस 20 प्रति, क्यूनॉलफॉस 1.5 प्रति, फैनीट्रोथियोन 50 ईसी या मैलाथियान 96 प्रति, यूएलबी में से किसी एक रयायन का घोल बनाकर छिड़काव करने से फसल को दल से बचाया जा सकता है।
किसान यहां करें सूचित
बागपत। टिड्डी दल के आक्रमण होने पर किसान जनपद स्तर पर स्थापित कंट्रोल रूम नंबर 0121-2220100 पर सूचित कर सकते है।