बागपत। सचिवों की दो दिन हड़ताल होने से अधिकारी बैकफुट पर आ गए और एडीएम विनीत उपाध्याय ने फोन पर अपने शब्दों पर खेद जताया। इसके अलावा भविष्य में ऐसा नहीं होने की बात कही। तब सचिवों ने हड़ताल खत्म कर दी और वह शुक्रवार से काम पर वापस लौटेंगे।
ग्राम विकास अधिकारी-ग्राम पंचायत अधिकारी संघ के जिलाध्यक्ष संदीप कुमार, अनिल मान, कुबेर खोखर समेत अन्य का आरोप था कि विकास भवन सभागार में पांच दिन पहले क्रॉप सर्वे की बैठक के दौरान विनीत उपाध्याय ने सचिवों के साथ अभद्रता शुरू कर दी। महिला सचिव दीपा मलिक के साथ सबसे ज्यादा अभद्रता की गई। उन्होंने अपनी माता के निधन के बारे में बताया तब भी अभद्रता करते रहे।
एडीएम के अभद्रता करने पर बुधवार से हड़ताल कर धरना शुरू कर दिया। सभी सचिव बृहस्पतिवार को भी धरने पर बैठ गए। इस तरह उनकी दूसरे दिन भी हड़ताल होने से विकास कार्य, एसआईआर समेत अन्य कार्य प्रभावित होने लगे। दोपहर को सीडीओ बृजेंद्र शुक्ल व डीडीओ राहुल वर्मा सचिवों के धरने के बीच पहुंचे। दोनों ने कहा कि एडीएम अपने कार्यालय में बुलाकर बातचीत करना चाहते हैं तो सचिवों ने उनके पास जाने से इंकार कर दिया। इसके बाद मोबाइल से फोन मिलाया गया और सचिवों के सामने लाउडस्पीकर पर लगाया गया। तब एडीएम ने कहा कि वह अपने शब्दों पर खेद जताते हैं और भविष्य में इस तरह की बात नहीं होगी। सचिवों ने इसके बाद हड़ताल खत्म कर दी गई। वहां महामंत्री अंकुर भारद्वाज, दीपा मलिक, जोनी चौधरी, अमित कुमार, प्रिंस कुमार जैन, विपिन कुमार, गौरव तोमर, अनुज कुमार आदि मौजूद रहे।
-इन कार्यों पर पड़ने लगा था असर
इस समय एसआईआर का कार्य सबसे ज्यादा सचिवों के सहारे चल रहा है, क्योंकि जिनके पास कोई कागज नहीं मिल रहे हैं उनका नाम परिवार रजिस्टर में देखा जा रहा है। परिवार रजिस्टर सचिवों के पास है और उनकी हड़ताल से यह कार्य प्रभावित होने लगा था। इसके अलावा फैमिली आईडी, गोशाला का संचालन, जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र, ग्राम पंचायत से संबंधित कार्य, पेंशन, राशन कार्ड का सत्यापन सहित सरकार की योजनाओं का प्रचार-प्रसार भी सचिव ही करते हैं।
-महिला सचिवों से नहीं कराया जाए क्रॉप सर्वे जैसा कार्य : मीनाक्षी भराला
महिला आयोग की सदस्य मीनाक्षी भराला बृहस्पतिवार को समस्या सुनने के लिए विकास भवन में पहुंचीं। वह वापस जाने लगीं तो महिला सचिवों ने उनको इस पूरे मामले की जानकारी दी। इस पर उन्होंने अधिकारियों से बात की और कहा कि महिला सचिवों को क्रॉप सर्वे जैसे खेतों के कार्य करने नहीं भेजा जाएगा। इस पर पूरी तरह से रोक लगनी चाहिए। इसके अलावा अभद्रता के मामले में जांच कराने की बात कही गई।