फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

आचार्य ज्ञानसागर जन्म जयंती श्रद्धा पूर्वक मनाई

विज्ञापन
बरनावा के श्री चंद्रप्रभ जैन मंदिर की पांडुक शिला परिसर में समारोह में मौजूद श्रद्धालु - फोटो : BARAUT
विज्ञापन
श्रुत संवर्द्धन ज्ञान संस्कार शिविर संपन्न
विज्ञापन

अद्वितीय अद्भुत संत थे आचार्य ज्ञानसागर
संवाद न्यूज एजेंसी
बिनौली। श्री चंद्रप्रभु दिगंबर जैन मंदिर अतिशय क्षेत्र बरनावा की पांडुक शिला स्थल में राष्ट्रसंत आचार्य ज्ञानसागर महाराज का जन्म जयंती महोत्सव के रविवार को दूसरे दिन श्रद्धालुओं ने श्रद्धापूर्वक मनाया।
आचार्य ज्ञेयसागर महाराज के सान्निध्य एवं ब्रह्मचारिणी अनीता दीदी व मंजुला दीदी के निर्देशन में हुए समारोह में आचार्य के चित्र का अनावरण दीप प्रज्ज्वलन डॉ. जयकुमार, डॉ. श्रेयांस जैन, डॉ. सुनील संचय, मनीष विद्यार्थी व चेतन शास्त्री आदि विद्वानों द्वारा किया गया। बच्चों ने भक्ति भाव से ओतप्रोत सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। समारोह का शुभारंभ प्रात: आचार्य श्री के पूजन से हुआ। इसके बाद उनके पद चिह्नों का लोकार्पण एवं प्रक्षालन, कीर्ति स्मारक का लोकार्पण मुकेश जैन द्वारा किया गया।
विज्ञापन

कृतियों का विमोचन
श्रुत संवर्द्धन संस्थान मेरठ द्वारा प्रकाशित डॉ. शीतल चंद्र जैन द्वारा लिखित प्राकृत वांग्मय में आध्यात्मिक चेतना एवं डॉ. राकेश जैन द्वारा लिखी ज्ञान दीपिका कृतियों का विमोचन अतिथियों व विद्वानों ने किया।
अद्वितीय अद्भुत संत थे आचार्य ज्ञानसागर
आचार्य ज्ञेयसागर महाराज ने कहा कि गुरुवर आचार्य ज्ञानसागर महाराज अद्वितीय, अद्भुत संत थे। उनके अचानक जाने से जो शून्य पैदा हुआ है उसकी भरपाई संभव नहीं है। अब आप सब का दायित्व है जिनके पास जो दायित्व थे उनको आगे भी जारी रखें। यही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी। प्रोफेसर नलिन के शास्त्री ने आचार्य श्री के विराट व्यक्तित्व को रेखांकित किया।
विज्ञापन

श्रुत संवर्द्धन ज्ञान संस्कार शिविरों का समापन
समारोह में श्रुत संवर्द्धन संस्थान मेरठ के तत्वावधान में मेरठ, मुजफ्फरनगर, बड़ौत, खतौली, शाहपुर, बुढ़ाना, कांधला, कैराना व छपरौली आदि स्थानों के जैन मंदिरों में हुए ज्ञान संस्कार शिविर पश्चिमी उत्तर प्रदेश के विभिन्न स्थानों के जैन मंदिरों में हुए शिविरों का सामूहिक समापन हुआ। जिसमें प्रथम, द्वितीय, तृतीय रहने वाले शिविरार्थियों व प्रशिक्षण देने वाले विद्वानों को पुरस्कृत व सम्मानित किया गया। मंच संचालन पंकज जैन ने किया। इस अवसर पर डॉ. सुनील संचय, जीवंधर जैन, प्रमोद जैन, पवन जैन, संदीप जैन, हंस कुमार जैन, रजनीश जैन, प्रवीण जैन, सतेंद्र जैन, महेश चंद जैन, अमित, वैभव जैन आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें