बागपत। लहचौड़ा के ग्रामीणों ने डीएम को दिए ज्ञापन में न्यायालय के स्टे के बावजूद ग्राम प्रधान व उसके प्रतिनिधि पर उनकी फसलों को उजाडक़र खेतों के बीच से रास्ता बनाकर श्मशान घाट बनाने की धमकी देने का आरोप लगाया है।
ग्रामीणों का कहना है कि वर्ष 2002 में चकबंदी प्रक्रिया के दौरान उच्च न्यायालय से स्टे चला आ रहा है। गत नौ जुलाई को उच्च न्यायालय ने डीएम को एक माह में प्रार्थी द्वारा प्रस्तुत प्रार्थना पत्र पर आदेश पारित करने के निर्देश दिए थे। जिस पर एसडीएम खेकड़ा, तहसीलदार, लेखपाल ने ग्राम प्रधान व प्रतिनिधि को प्रत्यावेदन का निस्तारण होने तक रास्ता व श्मशान घाट का निर्माण न करने के निर्देश दिए थे। इसके बावजूद ग्राम प्रधान व उसके प्रतिनिधि उनकी फसलों को उजाडक़र खेतों के बीच से रास्ता बनाकर श्मशान घाट बनाने की धमकी दे रहा है। उन्होंने डीएम से न्यायालय के नियमों का पालन करते हुए प्रत्यावेदन का निस्तारण होने तक उनके खेतों से रास्ता व श्मशान घाट न बनावाने की मांग की है। गजेंद्र, धर्मपाल, मानसिंह, कृष्णपाल, मुनेश, हरीश, शिवम मौजूद रहे। उधर, प्रधान विमला देवी का कहना है कि उन्होंने किसी की फसल नहीं उजाड़ी है। श्मशान में जिला पंचायत की ओर से कार्य कराया जा रहा है। पूरा मामला जिलाधिकारी के संज्ञान में है। ग्रामीणों के आरोप निराधार है।
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आरोप लगाया
बागपत। शामली के जसाला गांव निवासी पिंकू कश्यप ने बिजरौल गांव के एक युवक पर धोखधड़ी कर उसके ढाई लाख रुपये हड़पने का आरोप लगाया है। उसने डीएम से बड़ौत पुलिस को युवक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने व उसकी रकम वापस दिलवाने की मांग की है।
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