दिगंबर जैन कॉलेज प्रशासन ने 2016 में लगवाई थी मूर्ति, तब भी हुआ था विरोध
प्राचार्य बोले, मूर्ति मां सरस्वती की नहीं, जैन धर्म की प्रतीक श्रुति देवी की है मूर्ति
सूचना पर पहुंची पुलिस व कॉलेज कर्मचारियों से साथ छात्रों की नोकझोंक
एक सप्ताह में मूर्ति न हटाने पर आंदोलन की दी चेतावनी
बड़ौत। दिगंबर जैन महाविद्यालय में कॉलेज प्रबंधन द्वारा 2016 में स्थापित की गई मूर्ति को हटवाने की मांग को मंगलवार को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं ने कॉलेज परिसर में हंगामा किया। साथ ही कॉलेज के मुख्य गेट पर तालाबंदी कर धरना प्रदर्शन किया। इस दौरान कॉलेज पहुंची पुलिस और कॉलेज स्टाफ से एबीवीपी कार्यकर्ताओं की नोकझोंक भी हुई। गेट पर ताला जड़ने के कारण कॉलेज स्टाफ अंदर बंद रहा। सूचना पर पहुंचे कॉलेज प्रबंध समिति के पदाधिकारी और प्राचार्य को ज्ञापन सौंपकर सात दिन का अल्टीमेटम दिया। साथ ही मूर्ति न हटाने पर आंदोलन चलाने की चेतावनी दी।
कॉलेज में स्थापित की गई मूर्ति को खोले जाने की सूचना पाकर मंगलवार को काफी संख्या में एबीवीपी के कार्यकर्ता कॉलेज पहुंचे और कॉलेज के गेट पर ताला लगाकर धरने पर बैठ गए। एबीवीपी के जिला संयोजक अंकुर चौधरी, जिला सह संयोजक अमन गुप्ता, नीशू जाखड़ ने कहा कि कॉलेज प्रबंधन ने कॉलेज परिसर में माता सरस्वती की मूर्ति स्थापित की जो कि बहुत अच्छी बात है, लेकिन मां सरस्वती की मूर्ति के मस्तक पर जैन मुनि को दर्शाया गया है, वह माता सरस्वती की मूर्ति का अपमान है, इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जब तक माता सरस्वती की मूर्ति के सिर से जैन मुनि को नहीं हटा दिया जाता, तब तक वह शांत नहीं बैठेंगे। छात्र नेता लगभग तीन घंटे तक हंगामा करते रहे। इसके बाद कॉलेज प्रबंधन के पदाधिकारी व कॉलेज प्राचार्य डॉ. वीरेंद्र सिंह कार्यकर्ताओं के बीच पहुंचे। एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने कॉलेज प्रशासन को ज्ञापन सौंपा। साथ ही चेतावनी दी कि अगर एक सप्ताह में मूर्ति को नहीं हटाया तो आंदोलन किया जाएगा। साथ ही मूर्ति को हटवाया जाएगा। हंगामा करने वालों में हैप्पी शर्मा, अर्चित गुप्ता, याचिका तोमर, प्रांजुल, विशाल चौधरी, रोहित आदि रहे।
मूर्ति मां सरस्वती की नहीं, श्रुति देवी की है
- कॉलेज प्राचार्य डॉ. वीरेंद्र सिंह ने बताया कि कॉलेज में वर्ष 2016 में मूर्ति स्थापित की तो जो जैन धर्म की प्रतीक श्रुति देवी की है। यह मूर्ति जैन आस्था का प्रतीक है, छात्रों को कुछ लोग गुमराह कर रहे हैं। छात्रों को गुमराह होने की बजाय पूरी जानकारी करनी चाहिए।
2016 में भी मूर्ति को लेकर हुआ था विरोध
कॉलेज प्रशासन ने 2016 में मूर्ति लगवाई थी। उस समय भी छात्रों ने मां सरस्वती की मूर्ति के सिर पर जैन मुनि को दर्शाने का विरोध किया था। उस समय मूर्ति को ढककर रख दिया था। एबीवीपी के जिला संयोजक अंकुर चौधरी ने बताया कि मां सरस्वती की मूर्ति पर अलग तरह की पहचान बनाया जाना, मां सरस्वती का अपमान है। इसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।