बागपत के भड़ल गांव के छात्र आर्यन उर्फ क्रिश की हत्या के मामले में हिस्ट्रीशीटर बाबू भड़ल का नाम सामने आते ही पुलिस अफसर उसकी लोकेशन ट्रेस करने में लग गए है। पता लगाया जा रहा है आर्यन के अपहरण के समय बाबू कहां पर था। हालांकि अफसर पूरी कार्रवाई को गोपनीय रखे हैं।
इस केस में पुलिस ने 150 से अधिक संदिग्ध लोगों से पूछताछ की,लेकिन पुलिस को कोई ठोस क्लू नहीं मिला था। फिरौती मांगने में जो सिम इस्तेमाल की गई थी, उस सिम को जिसने फर्जी आईडी पर चालू कराया था। उन दो लोगों तक ही पुलिस पहुंच पाई थी। लुहारी गांव के युवक अर्जुन की हत्या के मामले में 19 अगस्त को पकड़े सचिन उर्फ मोंटू के बाद ही पुलिस को कुछ लाइन मिली।
मोंटू ने पुलिस अफसरों को बताया आर्यन का अपहरण वरुण लुहारी ने अपने साथियों के साथ मिलकर किया था। इसका पता अर्जुन को चल गया था। इसी कारण वरूण ने अर्जुन को रास्ते से हटाने के लिए उसकी हत्या कर दी थी। 23 अगस्त को पुलिस ने वरुण को कचहरी के पास से गिरफ्तार किया था। वरुण ने
आर्यन के केस में बाबू भड़ल का नाम लिया था। पुलिस तभी से ही बाबू की तलाश करने में लगी है। पुलिस सूत्रों की माने तो पुलिस गोपनीय रूप से बाबू की लोकेशन ट्रेस कर रही है। पता लगाया जा रहा है आर्यन का जिस समय अपहरण हुआ, उस वक्त बाबू कहा पर था। उसके बाद की उसकी लोकेशन कहां की है।पुलिस अफसरों को इसमें काफी कामयाबी मिल चुकी है। इस बारे में सीओ (क्राइम) श्वेतांभ पांडेय का कहना है कि केस के खुलासे के प्रयास किए जा रहे हैं। बाबू भड़ल का भी पता लगाने का प्रयास चल रहा है।