बड़ौत। तीन दिनों के पर्व ईद-उल-अजहा दूसरे दिन रविवार को मुस्लिम घरों में कुर्बानी की गई। सुबह से शुरू हुआ कुर्बानी का सिलसिला शाम तक चला। पहले दिन की अपेक्षा दूसरे दिन कुर्बानी कम हुई। सोमवार को कुर्बानी का आखिरी दिन है।
लॉकडाउन की वजह से मुस्लिम घरों में दावतों का दौर बंद है। महिलाएं घर वालों के लिए लजीज व्यंजन पका रही हैं। गली मोहल्ले में खुलीं चंद रोटी की दुकानों से बाकरखानी, शीरमाल व बटर नान की बिक रही है। हर फर्ज नमाज के बाद बुलंद आवाज से तकबीर-ए-तशरीक पढ़ी जा रही है। जिसका सिलसिला मंगलवार की असर नमाज तक चलेगा। जानकारों के मुताबिक इस साल कुर्बानी पिछले साल की तुलना में कुछ कम हुई है। इस बार कुर्बानी के जानवर की खाल का रेट बहुत गिर गया है। लॉकडाउन की वजह से मदरसों में सामूहिक कुर्बानी नहीं हो पाई है। अल्लाह की रजा के लिए कुर्बानी कर मुसलमान, अल्लाह का शुक्र अदा कर रहे हैं। कोरोना वायरस से निजात की दुआ मांगी जा रही है।