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Baghpat News: वेस्ट यूपी के कई जिलों के पशु चिकित्सकों की फर्जी मुहर व हस्ताक्षर से दो करोड़ का लोन कराया

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- सरूरपुर कलां के भारतीय स्टेट बैंक में फाइलों पर बागपत, शामली, मुजफ्फरनगर समेत अन्य जिलों के चिकित्सकों के फर्जी हस्ताक्षर करके व मुहर लगाकर किया गया खेल
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- अभी तक जांच में सरूरपुर कलां, लधवाड़ी, बिहारीपुर, खेड़की, फैजपुर निनाना आदि गांवों के 60 लोगाें की लोन की फाइलों में फर्जीवाड़ा पकड़ में आया
संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत। वेस्ट यूपी के कई जिलों के पशु चिकित्सकों की फर्जी मुहर लगाकर व हस्ताक्षर करके सरूरपुर कलां गांव के भारतीय स्टेट बैंक से दो करोड़ रुपये का लोन करा लिया गया। सरूरपुर कलां के पशु चिकित्सक डॉ. जितेंद्र कुमार वर्मा के लोन की कई फाइलों पर फर्जी हस्ताक्षर व मुहर मिलने के बाद सभी की जांच की गई। इसके बाद सामने आया कि अभी तक 60 लोगों को इस तरह फर्जीवाड़ा करके लोन दिलाया गया और काफी फाइलों पर दूसरे जिलों के पशु चिकित्सकों के हस्ताक्षर व मुहर भी इस्तेमाल किए गए।
सरूरपुर कलां गांव के संजीव कुमार 29 अक्तूबर को गांव में भारतीय स्टेट बैंक शाखा में खाता खुलवाने के लिए गए थे। वहां पशु खरीदने के लिए मिलने वाले लोन की फाइल पर चिकित्सक डॉ. जितेंद्र कुमार वर्मा के मुहर व हस्ताक्षर देखे। संजीव ने भी लोन लेने को आवेदन करने के लिए चिकित्सक से फाइल पर मुहर लगाकर हस्ताक्षर करने के लिए कहा था मगर उनको चिकित्सक ने मना कर दिया था। इसलिए वह उलाहना देने के लिए चिकित्सक के पास गए।
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संजीव ने चिकित्सक को कहा कि वह अन्य लोगों की फाइलों पर मुहर लगाकर हस्ताक्षर कर रहे हैं और उसको मना कर दिया। यह जानकारी मिलने के बाद चिकित्सक डाॅ. जितेंद्र कुमार वर्मा ने बैंक में 30 अक्तूबर को पहुंचकर जांच की तो पांच फाइलोें पर उनकी मुहर व हस्ताक्षर फर्जी मिले। वहां दो फाइलों पर शामली व मुजफ्फरनगर जिले के पशु चिकित्सकों की मुहर लगाकर हस्ताक्षर किए गए थे। उनकी भी जानकारी कराई गई तो पता चला कि वे भी फर्जी थे। यह फर्जीवाड़ा पकड़ में आने के बाद बैंक अधिकारियों ने चिकित्सक डॉ. जितेंद्र कुमार वर्मा का पत्र मिलने पर लोन की सभी फाइलों पर रोक लगा दी।
- इन गांवों के लोगों के कराए गए लोन
सरूरपुर कलां, लधवाड़ी, बिहारीपुर, खेड़की, फैजपुर निनाना, राजपुर खामपुर, बडौली आदि गांवाें के 60 लोगाें की लोन की फाइल बनवाकर फर्जी मुहर लगाकर व हस्ताक्षर करके सरूरपुर कलां बैंक की शाखा से लोन दिलाया गया। इनमें शाहपुर बडौली के ओमपाल, सरूरपुर कलां के सतेंद्र, फैजपुर निनाना के ब्रह्मपाल सिंह, शिकोहपुर के कमलेश, सतेंद्र व बाबूराम, राजपुर खामपुर के ओमपाल सहित 60 लोग शामिल हैं। इन सभी को 1.20 लाख रुपये से लेकर 3.80 लाख रुपये तक का लोन दिया गया है। इनमें अधिकतर तीन से पांच पशुओं को खरीदने के लिए लोन लेने की फाइलें हैं और एक पशु के लिए 60 से 70 हजार रुपये का लोन मिलता है।

इन पर मिले फर्जी हस्ताक्षर शाहपुर बडौली के ओमपाल, सरूरपुर कलां के सतेंद्र, फैजपुर निनाना के ब्रह्मपाल सिंह, शिकोहपुर के कमलेश, सतेंद्र व बाबूराम, राजपुर खामपुर के ओमपाल सहित 60 लोगाें को दो करोड़ से अधिक रुपये का लोन देने का मामला सामने आया है। इनमें कई व्यक्ति ऐसे है जिन्होंने पशु तक नहीं खरीदे और बैंक अफसरों ने भी उनकी जांच करना जरूरी नहीं समझा। बिना जांच करे ही लोगों को पशु खरीदने के नाम पर लोन बांट दिए गए।
- ग्रामीण बोले, विक्की व आकाश ने कराए लोन
इस पूरे मामले में जब ग्रामीणों से उन लोगों के बारे में जानकारी जुटाई गई, जिन्होंने लोन कराया था तो पता चला कि उन्होंने अपने नाम विक्की व आकाश बताए थे। वह लोगों से खुद ही गांवों में जाकर संपर्क करते थे और लोन दिलाने की बात कहते थे। लोन कराने के लिए ग्रामीणों से 10-20 हजार रुपये उन्होंने लिए। इसके एक महीने बाद ही ग्रामीणों के खातों में रुपये पहुंच जाते थे। इन दोनों को तलाश किया जा रहा है, क्योंकि दोनों के मोबाइल नंबर भी बंद आ रहे हैं। वहीं इस पूरे मामले में बैंक कर्मियों पर मिलीभगत का शक जताया जा रहा है।

वर्जन
- एक व्यक्ति की शिकायत पर भारतीय स्टेट बैंक में पहुंंचकर पशु खरीदने के लिए मिलने वाले लोन की फाइलों की जांच की तो उनपर मेरे फर्जी हस्ताक्षर व मुहर मिली। जिसके बाद बैंक शाखा प्रबंधक को इन फाइलों पर रोक लगाने के लिए कहा गया है। डॉ. जितेंद्र कुमार वर्मा, पशु चिकित्साधिकारी, सरूरपुर कलां


-पशु चिकित्सक बैंक में आए थे और लोन की फाइलों की जांच की थी, जिन्हें रोक दिया गया है। काफी फाइल बागपत में जमा है। जल्द ही उनकी भी जांच करवाई जाएगी। - ज्ञाना रंजन पांडा, प्रबंधक भारतीय स्टेट बैंक शाखा सरूरपुर कलां
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