फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

दिव्यांग ने थाने में खाया जहरीला पदार्थ: मौत से मचा कोहराम, उठा बड़ा सवाल, आखिर कोतवाली में कैसे पहुंचा सल्फास

Thu, 21 Mar 2024 11:27 PM IST
कपिल kapil संवाद न्यूज एजेंसी, बागपत

सार

Baghpat News : बागपत में एक दिव्यांग ने कोतवाली में जहरीला पदार्थ खा लिया। उसकी अस्पताल में उपचार के दौरान मौत हो गई। अब सवाल उठ रहा है कि आखिर कोतवाली में जहरीला पदार्थ कैसे पहुंचा?
विज्ञापन
जांच करती पुलिस। - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

बागपत में लूट के मुकदमे में पूछताछ के लिए लाए गए दिव्यांग प्रवीण शर्मा तक जहरीला पदार्थ कैसे पहुंच गया। अब पुलिस अधिकारी इसका पता लगाने में जुटे हुए हैं। इसके लिए कोतवाली में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है। इसके अलावा कोतवाली में ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे हैं।

विज्ञापन


बुढेड़ा गांव के दिव्यांग प्रवीण शर्मा की मौत होने के बाद कोतवाली में बृहस्पतिवार की सुबह कई थानों की पुलिस और पीएसी तैनात रही। इसके बाद बुढेड़ा गांव में भी पुलिस और पीएसी तैनात कर दी गई। उधर, मृतक के भाई सुशील का कहना है कि पुलिस जब खाना भी चेक कराकर खिलाती है तो उसके भाई तक जहरीला पदार्थ कैसे पहुंच गया। उन्होंने पुलिस की कार्यशैली पर सवाल भी उठाए और जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।

सल्फास बताया जा रहा जहरीला पदार्थ, बिसरा सुरक्षित रखा
युवक प्रवीण अविवाहित था और अपने भाइयों के साथ रहता था। कोतवाली में प्रवीण ने जिस जहरीले पदार्थ को निगला है, वह सल्फास बताया जा रहा है। उसको उल्टी लगने पर पुलिसकर्मियों ने उसे बीमार समझा। मगर जब उसकी हालत ज्यादा बिगड़ने लगी तो अस्पताल लेकर पहुंचे। जिला अस्पताल में उसका ब्लड प्रेशर बढ़ने के कारण भर्ती करने की बात लिखी गई है। मगर उसके मेरठ में जाकर पता लगा कि उसने कोई जहरीला पदार्थ निगला है। उसकी मौत के बाद पोस्टमार्टम कराया गया। बताया जा रहा है कि उसमें पूरी तरह से स्थिति स्पष्ट नहीं हो सकी और उसके बाद बिसरा सुरक्षित रखा गया। जिसे जांच के लिए विधि विज्ञान प्रयोगशाला भेजा जाएगा।

कम्प्यूटर कक्ष में बैठाया गया था दिव्यांग
बुढेड़ा गांव के प्रवीण शर्मा को पुलिस ने हवालात में बंद करने के बजाय दिव्यांग होने के कारण अलग बने कम्प्यूटर कक्ष में बैठाया था, जिसमें सीसीटीवी कैमरे नहीं लगे हुए हैं। प्रवीण शर्मा के पास जहरीला पदार्थ सल्फास कैसे पहुंचा, जिसकी जांच में पुलिस अधिकारी लगे हुए हैं। यह भी जांच की जा रही है कि उसका खाना कौन लेकर आया था और वह कितनी देर अंदर रहा। उसके बाद प्रवीण के पास कौन-कौन पुलिसकर्मी गए। इसकी जांच की जा रही है।

पहले भी पुलिस पर लग चुके हैं आरोप
जिले में पहले भी पुलिस पर आरोप लग चुके हैं। पिछले साल जुलाई माह में रटौल पुलिस चौकी में एक युवक की पिटाई से मौत होने के आरोप लगे थे। हालांकि, बाद में मामला शांत हो गया था। जबकि बिहारीपुर में एक युवक की पिटाई कर दी गई थी, जिसे पुलिस ने अपनी सुरक्षा में अस्पताल में भर्ती कराया था। उसकी भी मौत हो गई थी।

अधिकारियों को बुलाने की मांग पर अड़े, फिर किया अंतिम संस्कार
बुढेड़ा गांव में प्रवीण शर्मा का शव पहुंचने से पहले हंगामे की स्थिति बनी रही। जहां मृतक प्रवीण शर्मा के परिवार वाले पहले तो शव बागपत लेकर जाने की बात कहने लगे और फिर उच्चाधिकारियों के आने पर शव का अंतिम संस्कार करने की जिद पर अड़ गये। ग्रामीणों और पुलिस अधिकारियों के समझाने पर परिजन शांत हुए और शव का अंतिम संस्कार किया।

दो भाइयों की पहले हो चुकी है मौत
बुढेड़ा गांव के रहने वाले प्रवीण शर्मा के परिवार में पांच भाई थे। प्रवीण के बड़े भाई सुनील की मेरठ के लिसाड़ी गेट में गैस सिलिंडर फटने से हुए हादसे में मौत हो गई थी। इसके अलावा दूसरे भाई सुधीर शर्मा की पानीपत में मौत हो गई थी। अब प्रवीण की मौत होने के बाद उसके दो भाई अनिल और सुशील रह गए हैं।

गांव में दुकान चलाता था मृतक
प्रवीण शर्मा गांव में दुकान चलाता था, जबकि उसके भाई प्राइवेट नौकरी करते हैं। बताया कि प्रवीण शर्मा ऑनलाइन काम भी करता था।

यह भी पढ़ें: BJP का नया दांव: इन दो सीट से नए चेहरों को मैदान में उतारने की योजना, मेरठ से अरुण गोविल की दावेदारी पक्की
विज्ञापन

जेल भेजे दोनों लुटेरे
अधिवक्ता से लूट के मुकदमे में गिरफ्तार किए गए दीप उर्फ दीपेश निवासी कमाला और नीरज निवासी सिरसलगढ़ को पुलिस ने न्यायालय में पेश किया। जहां से दोनों लुटेरों को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया।

यह भी पढ़ें: फ्लैशबैक: भूमि दान कर चर्चा में आए, देश के प्रधानमंत्री पद तक पहुंचे वीपी सिंह, मुजफ्फरनगर से खोला था मोर्चा
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें