बागपत। सपा नेता डॉ. कुलदीप उज्ज्वल के पिता धर्मपाल चौधरी पर लगे गोकशी प्रयास के मुल्जिमों के घर दबिश देने पहुंचे दरोगा अशोक कुमार को धमकाने के आरोप की जांच में लंबा वक्त लग सकता है। एसपी जितेंद्र शाही ने एएसपी विद्या सागर मिश्र को सौंपी जांच पूरी करने के लिए कोई समय सीमा तय नहीं की है।
मिश्र ने रविवार को आरोपी दरोगा अशोक कुमार और उनके साथ मवी कलां गांव में दबिश के लिए गए दो सिपाहियों के बयान दर्ज किए थे। इसके बाद सोमवार को न तो किसी का बयान लिया। न ही दरोगा को धमकाने के आरोप की वीडियो देखी।
दावा किया जा रहा है इसे मौके से ही तैयार किया। इसमें धर्मपाल चौधरी दरोगा को अपशब्द कहते और धमकी देते नजर आ रहे हैं। जांच में यह वीडियो भी देखा जाना है। इसके अलावा दरोगा को धमकी देने के दौरान मौके पर मौजूद रहे गांव के लोगों के बयान भी दर्ज किए जाएंगे।
यह भी मालूम किया जाएगा दरोगा अशोक कुमार दबिश देने के लिए क्यों गए। क्योंकि इंस्पेक्टर बालैनी थाना विरेंद्र यादव ने कहा गोकशी प्रयास के इस मामले में दोष सिद्ध होने पर सात साल से कम सजा का प्रावधान होने के कारण गिरफ्तारी की जरूरत ही नहीं थी।
एडिशनल एसपी ही उस तस्करे की जांच करेंगे, जो दरोगा अशोक कुमार ने गांव से लौटते ही जीडी में लिखा था। इसमें धर्मपाल चौधरी पर संगीन आरोप हैं। जाहिर है इस प्रक्रिया में लंबा समय लग सकता है। एएसपी सोमवार को बामनौली में हुई दुकानदार की हत्या के कारण वहां पर व्यस्त रहे। इस कारण मवी कलां प्रकरण की जांच आगे नहीं बढ़ सकी।
एसपी जितेंद्र शाही ने कहा जांच के लिए समय सीमा तय नहीं की, लेकिन यह जल्द पूरी कर ली जाएगी। इसके बाद ही आगे की कार्रवाई तय होगी।
:: दरोगा ने धर्मपाल चौधरी के खिलाफ जो तस्करा लिखा, उसकी भी होगी जांच।