बागपत। बिराल से छपरौली, सूप होते रठौड़ा तक सड़क के निर्माण के लिए दी भूमि के मुआवजे के लिए किसानों की बैठकें होगी। इस मार्ग में चार गांवों के किसानों की जमीन बगैर अधिग्रहण के उनकी सहमति से ली गई थी। इनमें से कुछ किसानों को पैसा मिला, लेकिन बाकी अभी तक इंतजार कर रहे हैं। इन किसानों की बात सुनने के लिए आज प्रशासन के अधिकारी इन चारों गांवों में जाकर मीटिंग करेंगे।
दिल्ली-सहारनपुर रोड बिराल से छपरौली वाया सूप, रठौड़ा मार्ग के लिए छपरौली, राठौड़ा, सूप और बिराल के किसानों से ली जमीन की अधिग्रहण की औपचारिकता पूरी की जानी है। विधानसभा की आश्वासन समिति के निर्देश पर किसानों की भूमि के मुआवजा देने को गांवों में बैठकें होगी। सभी बैठकें बुधवार को ही होनी हैं। अपर जिलाधिकारी की अध्यक्षता में एक ही दिन में चारों गांवों में होने वाली बैठकों में मुआवजे के बारे में विचार होगा। छपरौली में सुबह 11 बजे, रठौड़ा में 12 बजे, सूप में दोपहर 1 बजे और बिराल में अपराह्न 3 बजे बैठकें होंगी।
लगभग ढाई दशक पूर्व बनी इस सड़क का अभी तक अधिग्रहण नहीं हुआ है, लेकिन उस समय तय मुआवजे के अनुसार कुछ किसानों ने पैसा ले लिया था। पूर्व विधायक अजय तोमर ने पिछली सरकार में यह मामला विधानसभा में उठाया था। अब यह मामला आश्वासन समिति के पास पहुंचा है।
अपर जिलाधिकारी संतोष शर्मा ने बताया 670 किसानों की भूमि इस सड़क में गई है। जिनमें से लगभग 400 किसानों ने पूर्व निर्धारित दरों पर ही मुआवजा ले लिया था। जो लोग शेष रह गए हैं, उन्हें मुआवजा दिलाने के लिए बैठक की जाएगी।