बागपत। बीस लाख रुपये की रंगदारी के लिए मेरठ के व्यापारी पर टेलीफोनिक अटैक करने वाला बदमाश मोस्ट वांटेड नहीं राहुल खट्टा नहीं , बल्कि बड़ौत की राम नगर कॉलोनी निवासी आरपीएफ के बर्खास्त सिपाही चंद्रपाल का बेटा विक्रम है। क्राइम ब्रांच ने यह खुलासा विक्रम की गिरफ्तारी के बाद किया । पुलिस ने कहाराहुल खट्टा के नाम से विक्रम चौथ वसूली में लगा था। पुलिस को और भी कई छुटभैयों के नाम मिले हैं, जो बड़े बदमाशों के नाम से धमकी दे रहे हैं।
बड़ी बड़ी लूट और एक के बाद एक कई हत्या कर चुका 50 हजार का ईनामी राहुल खट्टा इन दिनों फिरौती के लिए अपहरण और व्यापारियों से चौथ वसूली में लगा है। उसे पकड़ने में नाकाम रही पुलिस की ढ़िलाई के चलते उसका व्यापारियों में खौफ हो गया है। वह अपनी दहशत को कैश करने में लगा है। इस के साथ कुछ छुटभैये भी उसके नाम से चौथ वसूली में लग गए हैं। सीओ बागपत नरेंद्र प्रताप सिंह ने बताया मेरठ के प्रसिद्ध व्यापारी से नौ अक्तूबर को रंगदारी मांगने का मामला भी ऐसा ही निकला है। जांच पड़ताल में यह बात सामने आई कि धमकी राहुल खट्टा ने नहीं, विक्रम ने दी थी। उसे टीम ने घर से पकड़ा है।
मोबाइल चोरी कर दी धमकी
विक्रम ने रंगदारी की धमकी देने के लिए बड़ौत में शराब की दुकान से मोबाइल चोरी किया। इसके बाद उस मोबाइल फोन से रंगदारी की धमकी दी। उसका प्लान था यदि पुलिस जांच भी करें तो वही शख्स पकड़ा जाए जिसका मोबाइल चोरी किया है। पुलिस ने उसे मोबाइल की लोकेशन के आधार पर पकड़ा।
फिरौती मांगने में भी गया था जेल
सीओ ने बताया ढाई साल पूर्व मेरठ के ब्रहमपुरी थाना क्षेत्र से एक बच्ची लापता हो गई थी। उसकी गुमशुदगी का इस्तिहार देखकर विक्रम ने उसके परिवार को फोन कर कहा था बच्ची उसके पास है। उसने फिरौती की रकम भी मांगी थी। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया था। बच्ची उसके पास नहीं मिली थी। बाद में बच्ची कहीं और से बरामद हुई थी।