बागपत। शासन से लेकर प्रशासन तक शौचालय निर्माण पर खूब जोर दे रहे हैं, लेकिन इतनी ही जरूरत पहले से बने टॉलयेट में सफाई व्यवस्था करने की भी है। आलम यह है कलक्ट्रेट तक के शौचालय महीनों से ठप पड़े हैं। स्वच्छता अभियान में भी अफसरों ने इन्हें ठीक कराने की जरूरत नहीं समझी। दरवाजे तक नहीं हैं इन शौचालयों में। विकास भवन के शौचालय अभी ठीक हालत में है, लेकिन इनका इस्तेमाल नहीं किया जा रहा है। न जाने क्यों इन पर दिन भर ताले ही लटके रहते हैं।
सिर्फ कलक्ट्रेट ही नहीं, तहसील के शौचालयों में भी इतनी गंदगी है कि दूर तक बदबू जाती है। इसका मतलब यह है सिर्फ शौचालय बनाना महत्वपूर्ण नहीं है। स्वच्छता तभी आएगी, जब शौचालय साफ भी किए जाएं। कलक्ट्रेट में बड़ी ही शर्मनाक तस्वीर दिखाई देती है। शौचालय ठप पड़े हैं। लघु शंका निवारण के लिए लोग डीएम दफ्तर के सामने पेड़ों के नीचे जाते हैं।
एडीएम संतोष कुमार ने कहा वे दिखवाएंगे कि ऐसा क्यों है। कलक्ट्रेट के शौचालय तो साफ होने चाहिए। सीडीओ बैजनाथ राम ने कहा आम जन के लिए ही शौचालयों का निर्माण कराया है। किसी भी शौचालय पर ताला नहीं लगाना चाहिए। शनिवार को ही सभी शौचालयों के ताले खुलवा दिए जाएंगे।