फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

तबाही के लिए एकदम खुला रास्ता

Thu, 27 Jun 2013 05:30 AM IST
Baghpat
विज्ञापन
विज्ञापन
-लापरवाही-1
विज्ञापन

बाढ़ में टूटे किनारों की अभी तक मरम्मत नहीं कराई गई है।
-लापरवाही-2
पहाड़ों पर लगातार बारिश हो रही है, यहां बाढ़ चौकियां बंद हो गई हैं।
-लापरवाही-3
आबादी में पानी आ जाने के चलते जो मकान खाली हुए, उनमें फिर से लोग रहने लगे हैं।
-लापरवाही-4
अगले 72 घंटे में तेज बारिश हो सकती है, लेकिन बाढ़ कंट्रोल रूम बंद पड़े हैं।

बागपत। सुबह का भूला शाम को घर आ जाए तो उसे भूला नहीं कहते लेकिन जो भूल पर भूल किए जा गए उसे क्या कहें? सात दिन पहले जब यमुना में पानी का सैलाब आया,तो उसे रोकने के लिए बागपत का प्रशासन तैयार नहीं था। तबाही मची, किसान बर्बाद हुए। फिर भी सबक नहीं लिया गया। जो किनारे टूट गए, वो टूटे ही पड़े हैं। अगर फिर से बाढ़ आ गई, तो पहले से ज्यादा तबाही होगी। जख्मी नदी सैलाब सहन करने की स्थिति में नहीं है।
यमुना में 17 और 18 जून के बीच 12.5 लाख क्यूसेक पानी गुजरा। इस सैलाब से बागपत में सिसाना, निवाड़ा, टांडा, कोताना में न केवल फसल बही, बल्कि भूमि-कटान भी हुआ। सिसाना जैसे गांवों में तो 30-40 मीटर तक किनारे पूरी तरह से बह गए। इसके ठीक सामने हरियाणा की तरफ नदी किनारे पत्थरों की मजबूत ठोकर बनी हुई हैं।
विज्ञापन

नदी में जब पानी का बहाव तेज होता है, तो सारी तबाही बागपत की ओर होती है। इसके लिए बेहद जरूरी है कि इस ओर भी मजबूत ठोकरें बनाई जाएं। लेकिन बाढ़ के बाद भी प्रशासन की आंखे नहीं खुलीं। जहां कटान हुआ था, वहां स्थिति ज्यों की त्यों है। अब अगर फिर से पानी आता है, तो सीधे इन गांवों की ओर से दौड़ेगा। नतीजा क्या होगा, समझना मुश्किल नहीं। पहले तो सिर्फ फसल ही उजड़ी थी, कहीं इस बार जिन्दगी पर ना बन जाए। फैजपुर निनाना, नैथला, निवाड़ा, सिसाना जैसे गांवों में काफी अंदर तक पानी आ गया था।
बागपत नगर में भी पक्का घाट के किनारे से कस्बा के अंदर आबादी तक पानी पहुंचा था। इन किनारों पर ठोकरे क्यों नहीं बनाई गई और भूमि-कटान को क्यों नहीं भरा गया? इस पर एडीएम सुरेंद्र राम कहते हैं कि यमुना की बाढ़ से जहां जहां भूमि कटान हुआ है, वहां वहां सर्वे कराया जा रहा है। जिले के तीनों एसडीएम से रिपोर्ट मांगी गई है। इसके आते ही तमाम बंदोबस्त किए जाएंगे।
विज्ञापन


-नदी में बढ़ने लगा पानी
बागपत। प्रशासन का कहना है कि अगले 72 घंटों में बारिश की संभावना है। इसके मद्देनजर बाढ़ नियंत्रण में लगे अधिकारियों को अलर्ट कर दिया गया है। अभी हथनीकुंड बेराज से पानी नहीं छोड़ा गया है। दूसरी ओर आसपास हो रही बारिश के चलते यमुना का जलस्तर बढ़ने लगा है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें