फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कोई बताए - क्या कर रही है पुलिस

Tue, 20 Nov 2012 12:00 PM IST
Baghpat
विज्ञापन
विज्ञापन
बागपत। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव भले ही क्राइम कंट्रोल के लिए पुलिस अफसरों को एक्शन लेने की खुली लूट देने की बात कर रहे हों, लेकिन पुलिस के रवैये में जरा भी सुधार नहीं हो रहा है। छोटी घटनाएं तो दूर लूट और हत्या जैसे संगीन मामलों को भी गंभीरता से नहीं लिया जा रहा। हाल ही में हुए ऐसे ही तीन मामलों में सोमवार को एसपी ऑफिस पर शिकायत लेकर लोग पहुंचे।
विज्ञापन

केस - 1
मीतली-गौरीपुर गांव से रिटायर्ड आयकर अधिकारी तरस कुमार ग्रामीणों के साथ एएसपी से मिले। उन्होंने बताया कि पुलिस उनके घर हुई डकैती के खुलासे के लिए जरा भी गंभीर नहीं है। डकैती का विरोध करने पर उनकी पत्नी की हत्या कर दी गई थी। उनका कहना है कि उन्होंने जिस शख्स पर शक जाहिर किया था, पुलिस ने उससे भी पूछताछ करना जरूरी नहीं समझा।
केस - 2
सिंघावली अहीर में 31 अक्तूबर की रात अधिवक्ता और उनकी पत्नी से हुई लूटपाट के मामले में जिला बार संघ के अध्यक्ष एडवोकेड विजयपाल सिंह तोमर अधिवक्ताओं के साथ एसपी ऑफिस पहुंचे। उन्होंने कहा कि पुलिस इस मामले के खुलासे के लिए कोशिश ही नहीं कर रही। अगर लूटे गए मोबाइल फोन को सर्विलांस पर लेकर बदमाशों को ट्रेस करने की कोशिश की गई होती तो अब तक खुलासा हो गया होता।
विज्ञापन

केस - 3
खेकड़ा के एक गांव में किशोरी के साथ बलात्कार का प्रयास किया गया। विरोध करने पर उसके परिजनों पर हमला कर दिया गया। ये लोग थाना पहुंचे तो उनकी रिपोर्ट तक दर्ज नहीं की गई। उनका कहना है कि आरोपी उन्हें धमकी दे रहे हैं। इन लोगों ने भी एएसपी से लिखित शिकायत की है। इन तीनों मामलों में एएसपी ने संबंधित थाना प्रभारियों को कार्रवाई करने के लिए कहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें