बिनौली (बागपत)। बरनावा के लाक्षागृह पर चल रहे विश्व कल्याण चतुर्वेद पारायण महायज्ञ के 7वें दिन नीलकंठ आश्रम जिवाना के पीठाधीश सिद्धगुरु महाराज ने कहा कि सत्य मार्ग ही मानव कल्याण का मार्ग है।
सिद्धगुरु महाराज ने कहा कि सतोगुण को धारण करने से मनुष्य की जीवन शैली बदल जाती है। इसलिए सत्य से जुड़कर अपनाकर उसे धारण करना चाहिए। उन्होंने कहा कि तप और साधना से परमात्मा की प्राप्ति होगी। सत्य मार्ग पर चलने वाले मनुष्य का कल्याण होता है। इस अवसर पर फ्रांस से आए विद्वान सोमदत्त भारद्वाज ने यज्ञ को वैज्ञानिक क्रिया बताया। अपर जिला जज डॉ. मनु कालिया ने भी यहां पहुंचकर आहुति दी। आचार्य गुरुवचन शास्त्री, विनोद शास्त्री, योगाचार्य अरविंद शास्त्री, जयवीर दत्त, सुनील शास्त्री, ऋषि ब्रह्मचारी, देवेंद्र शास्त्री, प्रकाश त्यागी आदि ने भी वेदोपदेश दिया। महायज्ञ का समापन रविवार को पूर्णाहुति के साथ होगा, जिसमें हजारों श्रद्धालु आहुति देंगे। इस दौरान जयचंद त्यागी, यशोधर्मा सोलंकी, डॉ. तेजवीर सिंह, प्रमोद नारंगपुर, चंद्रहास, अनिता देवी, नरेंद्र त्यागी, सतीश भारद्वाज, अजय त्यागी, ब्रजपाल सिंह शास्त्री, महेंद्र सिंह आर्य, सहदेव सिंह आर्य आदि ने भाग लिया।