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आदिनाथ भगवान का महामस्तिकाभिषेक श्रद्वा से मनाया

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खेकड़ा (बागपत)
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क्षेत्र के बड़ागांव स्थित त्रिलोक तीर्थ धाम जैन मंदिर में आचार्य श्री ज्ञान सागर जी महाराज के सानिध्य में 31 फुट उत्तुंग श्री आदिनाथ भगवान का महामस्तिकाभिषेक एवं आचार्य श्री विद्या भूषण सन्मति सागर जी महाराज का षष्टम समाधि दिवस समारोह और सिंह रथ रजत वर्ष महोत्सव कार्यक्रम श्रद्धा पूर्वक मनाया गया। साथ ही विभिन्न कार्यक्रमों का भी आयोजन हुआ।
रविवार को आचार्य श्री ज्ञान सागर जी महाराज के सानिध्य में भगवान आदिनाथ का महामस्तिकाभिषेक, आचार्य श्री विद्याभूषण सन्मति सागर जी महाराज का षष्टम समाधि दिवस समारोह एवं सिंह रथ रजत वर्ष महोत्सव कार्यक्रम श्रद्धा उल्लास पूर्वक मनाया गया। सुबह सात बजे भक्तों ने आदिनाथ भगवान का महामस्तिकाभिषेक किया। इसके बाद अभिषेक, शान्ति धारा एवं पूजा अर्चना आदि कार्यक्रम संपन्न हुए। सुबह दस बजे आचार्य श्री सन्मति सागर जी महाराज का षष्टम समाधि दिवस समारोह कार्यक्रम हुआ। इसमें भक्तों ने भाग लेकर धर्म लाभ उठाया। मंगलाचरण गरिमा जैन, भगवान पार्श्वनाथ का चित्र अनावरण प्रवीन कुमार, राजेश जैन, आचाय सुमति सागर महाराज का चित्र अनावरण हरीश जैन सपरिवार, आचार्य सन्मति सागर महाराज का चित्र अनावरण डूंगर मल जैन सपरिवार, दीप प्रज्वलन योगेश जैन, दिनेश जैन, जिनवाणी स्थापना राकेश जैन, कलश प्रथम अभिषेक जिनेश जैन, सीमा जैन, द्वितीय अभिषेक सुनील जैन, कुमकुम जैन, तृतीय अभिषेक सुधीर जैन, उत्सव जैन, आचार्य सन्मति सागर जी चरण प्रक्षालण अशोक जैन, कोमल जैन, आचार्य श्री ज्ञान सागर पाद प्रक्षलण बोली द्वारा, अतिथियों का शाल भेंट व स्वागत राजेंद्र प्रसाद व गजराज गंगवाल, त्रिलोक तीर्थ प्रतीक चिह्न भेंट महेंद्र कुमार जैन, श्यामलाल जैन, त्रिलोक तीर्थ धाम अध्यक्ष गजराज गंगवाल ने अतिथियों का आभार जताया।
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आचार्य श्री ज्ञान सागर जी महाराज ने कहा कि परमपूज्य सन्मति सागर जी महाराज महान जैनाचार्य थे। उन्होंने विश्व धरा पर बड़ागांव में त्रिलोक तीर्थ धाम की नीव रख विश्व पटल पर यहां का नाम धर्म क्षेत्र में स्वर्णिम अक्षरों में अंकित कराया। उन्होंने बड़ागांव में विश्व विख्यात त्रिलोक तीर्थ धाम का निर्माण कराया। उनके दिखाये मार्ग पर चलने से ही कल्याण संभव है। इस दौरान ऐलाचार्य श्री त्रिलोक भूषण जी महाराज, ऐलाचार्य अतिवीर जी, मुनि श्री प्रभावना भूषण महाराज, मुनि श्री वारिषेण महाराज, आर्यिका चंद्रमती माता, आर्यिका भाग्यमती माता, आर्यिका सरस्वति भूषण जी, आर्यिका द्रष्टिभूषण जी, क्षुल्लक श्री योगभूषण महाराज, ब्रहमचारी नवीन जी, पंडित जय निशांत, डॉ. नलिन, त्रिलोक चंद जैन, श्यामलाल जैन, दिनेश जैन, डॉ. श्रेयांस जैन, मनोज जैन आदि रहे।
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