कचहरी परिसर से साढ़े चार माह पूर्व फरार हुए 25 हजार के इनामी बदमाश जावेद रटौल को पुलिस अभी तक नहीं ढूंढ पाई है। उसके भाई और साले ने न्यायालय में मकान की कुर्की पर आपत्ति लगाकर रिट दायर की। जावेद की पत्नी हापुड़ में अपने भाई के पास रह रही है। जबकि भाई बुलंदशहर में रहता है।
कचहरी परिसर से 27 जून को इनामी बदमाश जावेद रटौल पुलिस को चकमा देकर फरार हो गया था। एसपी ने उस पर 25 हजार रुपये का इनामी घोषित किया। पुलिस अभी तक उसे नहीं पकड़ पाई है। तीन माह पूर्व उसकी लोकेशन राजस्थान के रिवाड़ी में मिली, लेकिन वह हाथ नहीं लगा। एक माह पूर्व पुलिस ने जावेद के खिलाफ 82 सीआरपीसी के तहत कार्रवाई कर हापुड़ के लालपुर स्थित उसके साले के मकान व बुलंदशहर में रह रहे जावेद के भाई फरियाद के घर पर कुर्की के नोटिस चस्पा किए, लेकिन इसके बाद भी वह न्यायालय में पेश नहीं हुआ। पुलिस ने न्यायालय में पेश न होने पर जावेद और उसके भाई फरियाद के खिलाफ कोतवाली में मुकदमा दर्ज किया । अब पुलिस ने धारा 83 सीआरपीसी के तहत कुर्की करने के लिए न्यायालय में पत्र दाखिल किया, लेकिन अभी तक अनुमति नहीं मिली।
दूसरी तरफ जावेद के साले सैय्यद अली निवासी लालपुर जनपद हापुड़ ने न्यायालय में कुर्की पर आपत्ति लगाकर रिट दायर की। इसमें उसने बताया कि उसकी बहन सुल्ताना का निकाह जावेद से हुआ। जावेद अपराधी बन गया। बहन को ससुराल वालों ने बेदखल कर घर से निकाल दिया। अब वह उसके पास रहकर मजदूर कर बच्चों का पालन पोषण कर रही है। उनके घर की पहले भी कुर्की हो चुकी है। बहन का जावेद से कोई लेना देना नहीं है। इसके लिए मकान की कुर्की न की जाए। वहीं जावेद के भाई फरियाद ने भी कुर्की पर आपत्ति लगाई है। इस संबंध में एसएसआई धर्मेंद्र सिंह संधू ने बताया कि जावेद के साले और भाई ने कुर्की पर आपत्ति लगाई है। कुर्की से बचने के लिए झूठी कहासुनी बना रहे हैं।