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खट्टा प्रहलादपुर में मासूम की बुखार से मौत

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बागपत। सर्दी में भी बुखार कहर बरपा रहा है। खट्टा प्रह्लादपुर गांव में मासूम की बुखार के कारण मौत हो गई। जनपद में सरकारी और निजी अस्पतालों में मरीजों की लाइन लगी है। कई मरीजों की हालत गंभीर देखकर चिकित्सक हायर हॉस्पिटल रेफर कर रहे हैं।
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खट्टा प्रह्लादपुर गांव निवासी सुरेश का 11 माह का बेटा रोहन पिछले कई दिन से बुखार से पीड़ित था। बाद में उसको निमोनिया हो गया । उसको परिजनों ने पहले बड़ौत के निजी अस्पताल में भर्ती कराया। वहां के चिकित्सकों ने उसे हायर हॉस्पिटल रेफर किया। उसका मेरठ भी उपचार हुआ, लेकिन हालत में सुधार नहीं हुआ। शनिवार को मासूम की मौत हो गई। परिजन बच्चे को लेकर जिला अस्पताल पहुंचे, वहां पर चिकित्सकों ने उसको मृत घोषित कर दिया। इस हादसे से परिवार में कोहराम मचा हुआ है। इसके अलावा सिसाना गांव की महिला सावित्री पत्नी महेंद्र, कस्बा अमीनगर सराय की महिला प्रियंका पिछले कई दिन से बुखार से ग्रस्त हैं। जो जिला अस्पताल में भर्ती हैं। इसके अलावा ललियाना गांव के अंकित का चार माह का बेटा वंश बुखार और निमोनिया से ग्रस्त है। उसका निजी चिकित्सक से इलाज चल रहा था। हालत में सुधार न होने पर परिजन रविवार को उसको जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। हालत गंभीर होने के चलते इमरजेंसी से चिकित्सकों ने उसे मेरठ रेफर किया। अस्पताल की इमरजेंसी में तैनात डॉ. भूपेंद्र कुमार ने कहा जिला अस्पताल में बुखार और ठंड से ग्रस्त मरीज आ रहे हैं।

प्राइवेट अस्पतालों में भी मरीजों की भरमार
बागपत। सरकारी ही नहीं प्राइवेट अस्पतालों में भी मरीजों की भरमार है। सुबह से शाम तक मरीजों की लाइन लगी रहती है। वार्डों में भी मरीज भर्ती हो रहे हैं।

जिला अस्पताल में नहीं है वेंटिलेटर की सुविधा
बागपत। बच्चे जुकाम-खांसी के साथ-साथ निमोनिया से भी ग्रस्त हो रहे है। वेंटिलेटर की सुविधा न होने के कारण निमोनिया से ग्रस्त ज्यादातर बच्चों को चिकित्सक रेफर कर रहे हैं। हालांकि चिकित्सकों का कहना है कि गंभीर मरीजों को ही हायर हॉस्पिटल रेफर किया जाता है।
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