बड़ौत (बागपत)।
धनौरा टीकरी गांव में कनेक्शन जोड़ने पहुंचे अवर अभियंता पर कुछ लोगों द्वारा हमला कर घायल करने और आए दिन विद्युत कर्मियों के साथ हो रही मारपीट और गाली-गलौच के विरोध में विद्युत निगम के कर्मचारियों का आंदोलन उग्र हो गया। बृहस्पतिवार को जनपद के सभी कर्मचारी दिल्ली-सहारनपुर हाईवे स्थित 132 केवीए बिजलीघर में पहुंचे और प्रदर्शन कर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर बैठ गए। उन्होंने कहा आरोपियों की गिरफ्तारी होने के बाद ही हड़ताल खत्म होगी। निगम कर्मियों की हड़ताल के कारण उपभोक्ताओं मेें विद्युत समस्याओं को लेकर हाहाकार मच गया।
बृहस्पतिवार को विद्युत मजदूर पंचायत के जिलाध्यक्ष मनोहर सिंह तोमर, जिला मंत्री सुरेंद्र तोमर और उत्तर प्रदेश जूनियर इंजीनियर संगठन के जिलाध्यक्ष इंद्रपाल सिंह के संयुक्त नेतृत्व में सैकड़ों विद्युत कर्मचारी 132केवीए बिजलीघर में पहुंचे और प्रदर्शन कर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर बैठ गए। उन्होंने कहा आए दिन निगम के कर्मचारियों पर दबंगों द्वारा हमले किए जा रहे हैं। सरकारी कार्य में बाधा डालकर निगम कर्मियों से अभद्रता की जा रही है। उन्होंने कहा पिछले कई दिन से निगम के कर्मचारी विद्युत कर्मियों पर हमला करने के आरोपियों की गिरफ्तारी को लेकर शांतिपूर्ण ढंग से आंदोलन कर रहे थे, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। कर्मचारियों ने कार्य बहिष्कार किया, अब जल्द ही जनपद की सप्लाई ठप कर दी जाएगी। एसई रामबीर सिंह ने कहा आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस प्रशासन से मदद मांगी जा रही है। सरकारी कार्य में बाधा डालना बर्दास्त नहीं होगा।
दोघट थानाध्यक्ष दिनेश कुमार ने कहा आरोपियों के खिलाफ वारंट लेने का प्रयास किया जा रहा है। इसमें इंद्रपाल सिंह, सुरेंद्र तोमर, राजेश, प्रदीप, रविंद्र, नरेंद्र, कन्हैया, केके त्यागी, अश्वनी, संत कुमार, गुलशन, सुनील, मनोज, विनोद, संदीप, पवन कुमार, प्रमोद मलिक, उमेश, आलोक, संजीव, कंवर पाल, राजेंद्र सिंह, एसडीओ अनिल, अंकुर, सुनील, ग्यासुदीन, धर्मपाल, खलील, आरिफ, संजीव तोमर, सुखदेव पवंार, सतेंद्र पंवार, सोमपाल, इमरान, आलोक आदि रहे।
दूसरी तरफ विद्युत निगम के कर्मचारियों की हड़ताल के कारण उपभोक्ता विद्युत समस्याओं का निस्तारण न होने से परेशान हो गए। पूरे दिन लोगों की विद्युत कार्यालयों में भीड़ लगी रही, किसी भी कर्मचारी ने लोगों की समस्याओं का निस्तारण नहीं किया। कई जगह पर विद्युत लाइन के तार और पोल टूटे पड़े रहे, लेकिन कर्मचारियों ने उन्हेें ठीक नहीं किया।