बड़ौत (बागपत)। लॉकडाउन के बीच नई नौकरी को ज्वाइन करना आसान नहीं था। मगर, मन में समाज और देश सेवा का जज्बा रखने वाली गोरखपुर की डॉक्टर बिटिया श्रेया श्रीवास्तव अपनी कार लेकर घर से निकल पड़ी और छपरौली सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंच कर कोरोना संक्रमण के खिलाफ जंग में भागीदार बन गई।
यह कहानी है जिला गोरखपुर के गांव मिर्जापुर पचपेड़वा निवासी डॉ. श्रेया श्रीवास्तव की। उनकी नियुक्ति 26 मार्च को फिजिशियन के तौर पर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र छपरौली पर हुई थी। नियुक्ति के एक सप्ताह के दौरान चिकित्सक को ज्वाइन करना होता है। डॉ. श्रेया श्रीवास्तव ने बताया कि सुबह साढ़े तीन बजे गाड़ी लेकर अपने चाचा के साथ छपरौली सीएचसी पर ज्वाइन करने के लिए निकल पड़ी। सफर के दौरान कोई ढाबा व दुकान खुली नहीं मिली। शाम तक उन्होंने छपरौली पहुंचकर ज्वाइन कर लिया। वो बताती हैं कि 870 किलोमीटर का यह सफर जिंदगी भर याद रहेगा। वह बेहद खुश हैं, कोरोना के खिलाफ चल रही लड़ाई का हिस्सा बनकर।